मतलौडा में डीसी की ओर से कामकाज मेें अनियमितताआें के कारण करीब एक हफ्ते पूर्व सहायक मुख्य लिपिक को निलंबित कर इसके आदेश बीडीपीओ को भेजने के बावजूद कर्मचारी को रिलीव नहीं किया।
खंड कार्यालय के कर्मचारियों में चल रही चर्चा के अनुसार विभाग के एक अधिकारी द्वारा इसे राजनीतिक सिफारिश कराकर जल्दी ही बहाल होने की छूट दी हुई है। यह मामला आजकल खंड कार्यालय और क्षेत्र के सरपंचों में चर्चा का विषय बनी है।
करीब एक माह पूर्व क्षेत्र के कई लोगों ने परेशान होकर डीसी को सहायक मुख्य लिपिक के कथित भ्रष्टाचार में लिप्त होने और लोगों के कामकाज को लटकाए रखने की शिकायत दी थी। उपायुक्त ने इसकी जांच तत्कालीन बीडीपीओ मतलौडा को सौंप दी थी।
उक्त कर्मचारी पर बुढ़ापा पेंशन बनाने का चार्ज था। जांच के दौरान कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने की अलमारी खुलवाई तो पाया कि उसमें छह माह से लेकर एक वर्ष तक की पुरानी विधवा, विकलांग और बुढ़ापा पेंशन की फाइलें दबी थीं।
पेंशन के लिए लोग चक्कर लगा रहे थे। लोगाें के आरोप थे कि यह कर्मचारी उससे सीधा तालमेल करने वाले लोगों को फाइल ही भेजता था। बीडीपीओ ने उक्त कर्मचारी को प्रथम दृष्टया दोषी करार देते हुए अपनी रिपोर्ट डीसी को भेज दी थी।
डीसी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उक्त कर्मचारी को 20 नवंबर को निलंबित कर आदेश खंड कार्यालय मतलौडा को भेज दिए थे। मगर बीडीपीओ ने उसे आज तक रिलीव नहीं किया। कार्यालय और पंच-सरपंचाें में चर्चा है कि डीसी बड़े या बीडीपीओ।
वर्जन
इस बारे में बीडीपीओ से संपर्क किया जाएगा। उनके पूरे प्रयास रहेंगे कि आज शाम तक सहायक मुख्य लिपिक को रिलीव कर दिया जाए।
राजेश दुग्गल, लीगल ऑफिसर, डीडीपीओ, कार्यालय