पानीपत। एनएफएल (नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड) ने विकास नगर समेत जीटी रोड और अनाज मंडी के लिए जाने वाले 40 वर्ष पुराने रास्ते को बंद कर दिया। यहां दीवार खड़ी करने से आधा दर्जन गांव और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की राह मुश्किल हो गई है। रास्ता खुलवाने के लिए वार्ड-14 पार्षद पति रामचंद्र कादियान और वार्ड वासी एनएफएल अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एनएफएल अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हुए रास्ता खोलने से साफ मना कर दिया है। बुधवार को कॉलोनी के निवासियों और गांव के सरपंच ने एनएएफएल गेट पर धरने की चेतावनी दी है।
पार्षद पति रामचंद्र कादियान ने बताया कि एनएफएल ने करीब 40 वर्ष पुराने रास्ते को बंद कर दिया है। एनएफएल ने गेट नंबर दो के पास सड़क के बीचों बीच दीवार खड़ी कर दी है। साथ ही ग्रिल भी लगा दी है। उन्होंने बताया कि यह सरकारी रास्ता है। इसका प्रयोग करीब 40 वर्षों से हो रहा है। यहां से आधा दर्जन गांव के किसान अनाज मंडी में अपनी फसल लेकर आते है और कॉलोनी का आवागमन होता है। रास्ता खुलवाने के लिए करीब दो सप्ताह पहले डीसी, एनएफएल के जीएम और फर्टिलाइजर के मंत्री अनंत कुमार से मांग कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं की गई है।
कई सालों से दूषित पानी पीने के लिए मजबूर
वार्ड-14 पार्षद पति रामचंद्र कादियान ने आरोप लगाया कि एनएफएल ने 1974 में जमीन अधिकृत की थी। वर्ष 1978 में प्लांट शुरू हुआ। विकास नगर निवासी और अन्य गांव के लोग तब से राखी और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। एनएफएल ने कोई सुविधा वार्ड वासियों को नहीं दी है। लोग बीमारी का शिकार हो रहे है।
आठ सितंबर को आएंगे मंत्री
बताया जा रहा है कि आठ सितंबर को फर्टिलाइजर के मंत्री अनंत कुमार पानीपत आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण और कॉलोनी निवासी समस्या समाधान की मांग को लेकर मंत्री से गुहार लगाएंगे। यदि समाधान नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
इनकी राह हुई मुश्किल
गांव बिंझौल, महराना, डाहर, गांव जाटल, सौंधापुर, विकास नगर, संजय कॉलोनी, मुखीजा कॉलोनी आदि कॉलोनियों के निवासियों का रास्ता बंद हो गया है।
एनएफएल के उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार यह रास्ता बंद किया गया है। यह रास्ता एनएफएल का है। सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।
महाबीर, जीएम, एनएफएल।
एनएफएल ने जो रास्ता बंद किया है, वह रास्ता एनएफएल के आने-जाने का रास्ता है। इसमें प्रशासन कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
विवेक, पीआरओ, एनएफएल, पानीपत।