संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को मरीजों को दवा लेने के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि अस्पताल के कुछ स्टाफ सदस्यों के सीधे फार्मेसी और जन औषधि केंद्र के अंदर जाकर दवा लेने का आरोप लगा। मरीजों ने इसे नियमों में भेदभाव बताते हुए नाराजगी जताई।
वहीं, फार्मेसी पर पूरी दवा नहीं मिलने के कारण कुछ मरीजों को बाकी दवाएं निजी मेडिकल स्टोरों से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शनिवार सुबह आठ बजे से ही मरीज ओपीडी में पहुंचने लगे। पंजीकरण के बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए कतार में लगना पड़ा। चिकित्सक से परामर्श के बाद मरीज फार्मेसी की खिड़की पर पहुंचे, जहां उन्हें आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
मरीजों के अनुसार, इसके बाद भी डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं। अधूरी दवा मिलने पर उन्हें बाकी दवाओं के लिए जन औषधि केंद्र की कतार में लगना पड़ा।
मरीजों ने जताई नाराजगी
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मुझे दो दिन से बुखार है। कल मेडिकल स्टोर से दवा ली थी। आज सुबह अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने में करीब एक घंटे का समय लगा। इसके बाद फार्मेसी पर भी लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ा। स्टाफ को भीतर से दवा मिलती रही। -राजेश, सेक्टर-25
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डॉक्टर ने चार दवाएं लिखी थीं, लेकिन फार्मेसी से दो ही दवाएं मिलीं। एक दवा जन औषधि केंद्र से मिली, जबकि एक दवा बाहर निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। वहीं अस्पताल के स्टाफ सदस्य सीधे अंदर जाकर दवा लेते रहे।
-रजनी, काबड़ी रोड
अस्पताल में नियम सभी के लिए बराबर हैं। चाहे कोई स्टाफ सदस्य हो या आम मरीज, सभी को लाइन में लगकर ही दवा लेने का प्रावधान है। यदि कोई भी कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर सीधे अंदर जाकर दवा ले रहा है तो गलत है। इसमें सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।