पानीपत। ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित और पांच पर अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश पर कर्मचारियों व स्टाफ की धड़कन तेज है। चिकित्सक और स्टाफ अब ईएसआई अस्पताल आने में भी कतराने लगे हैं। अस्पताल में फिजिशियन एक महीने के अवकाश पर है, ईएनटी विशेषज्ञ छुट्टी पर रहे। वही नेत्र रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष में न मिलने से मरीजों को परेशानी हुई।
जिले के ईएसआई अस्पताल की ओपीडी करीब 250 रही हैं। मरीज सीधे ईएसआई अस्पताल में न आकर पहले डिस्पेंसरी में गए। यहां से रेफरल लेकर पानीपत अस्पताल पहुंचे। ईएसआई के अंतर्गत जिले की तीन डिस्पेंसरी चल रही हैं। नांगल खेड़ी डिस्पेंसरी प्रभारी को एमएस का कार्यभार दिया गया है।अस्पताल को लंबे समय के बाद फिजिशियन मिला है अब वे भी एक महीने के अवकाश पर है। वहीं अस्पताल में ओपीडी के पूरे समय तक कक्ष में चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं।
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आंख का होना है ऑपरेशन, नहीं मिले चिकित्सक
करनाल की किरन ने बताया कि उसकी आंख का ऑपरेशन होना है। उन्होंने करनाल के निजी अस्पताल में ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। ईएसआई कार्डधारक होने से वे ईएसआई अस्पताल में ऑपरेशन करवाने आई थी। उनको पानीपत रेफर कर दिया। वह मंगलवार को सुबह दस बजे अस्पताल आई। पंजीकरण करवाने में ही 20 मिनट का समय लगा। उन्होंने कक्ष 25 में जाकर नाम लिखवाने के लिए भेजा, लेकिन वहां पर कोई भी कर्मचारी या स्टाफ नहीं मिला। उनको करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। नेत्र रोग विशेषज्ञ 12:21 पर चिकित्सक कक्ष में नहीं मिले। वहां बैठकर उन्हें आधा घंटा इंतजार किया। चिकित्सक के न आने से उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा।
अस्पताल न आकर पहले डिस्पेंसरी पर जा रहे मरीज-
जिले में ईएसआई अस्पताल के अंतर्गत तीन डिस्पेंसरी नांगल खेड़ी, मॉडल टाउन और बरसत रोड पर चल रही है। मरीज पहले डिस्पेंसरी के बाद अस्पताल आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज अस्पताल न आकर डिस्पेंसरी पर जाना पसंद कर रहे हैं। वहां पर चिकित्सक, दवा और बैठने की पर्याप्त सुविधा है और भीड़ कम होने से जल्दी नंबर आ जाता है।
तीन कर्मचारी हुए निलंबित, चिकित्सकों के नहीं आए अभी तक आदेश-
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को ईएसआई के पैनल से छह अस्पताल बाहर करने के आदेश दिए थे। मरीजों की हेरा-फेरी के मामले में तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ईश्वर दत्त, नांगल खेड़ी में असिस्टेंट आजाद जिंदल और फरीदाबाद में फार्मासिस्ट रविंद्र को निलंबित किया गया। इनके निलंबन के आदेश नहीं अब तक नहीं आए हैं।
वर्जन :
अस्पताल में ओपीडी के समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे हैं। यदि चिकित्सक समय से पहले ही कुर्सी छोड़कर जा रहे हैं तो जांच की जाएगी। उन्हें पूरे समय तक कक्ष में रहने के आदेश दिए जाएंगे। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. वंदना सरदाना, एमएस, ईएसआई अस्पताल पानीपत।