पानीपत। स्वास्थ्य विभाग एच-3 एन-2 इंंफ्लूएंजा का संदिग्ध रोगी मिलने पर गंभीर हो गया है। चिकित्सकों ने उसका सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज खानपुर जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। उसका पहले से ही पीजीआई चंडीगढ़ में किडनी का इलाज चल रहा था। सैंपल की रिपोर्ट रविवार तक आएगी।
स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ रही मरीजों की संख्या भी एच-3, एन-2 इंंफ्लूएंजा वायरस का खतरा बढ़ा रही हैं। सिविल अस्पताल, समालखा अस्पताल और जिले के 135 निजी अस्पतालों में बुखार, खांसी व जुकाम की ओपीडी चार हजार से अधिक हो रही है। हालांकि दूसरे दिन के मुकाबले शुक्रवार को ओपीडी कम रही। शुक्रवार को खांसी, बुखार व जुकाम की ओपीडी 250 रही। मुख्यालय की इंफ्युएंजा को लेकर जारी सोशल डिस्टेसिंग व मास्क की गाइडलाइन के नियम भी लगातार टूट रहे हैं।
किटों व दवाओं की मांग भेजी
फिलहाल सिविल अस्पताल की लैब में जांच किट नहीं है। इसलिए यहां एच 3 एन 2 की सिविल अस्पताल में जांच नहीं हो पा रही है। सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू की दवा भी उपलब्ध नहीं है। अब मुख्यालय में किट व दवाओं की मांग भेजी गई है।
स्वाइन फ्लू के वेरिएंट की पहचान करने के निर्देश
सिविल सर्जन ने सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों की पहचान की जाए। कौन सा रोगी किस वेरिएंट से ग्रस्त है इसकी रिपोर्ट तैयार भी की जाए। डॉक्टरों को एच 3 व एन 2 के रोगियों की पहचान करने का प्रशिक्षण दे दिया है।
कोट
एक व्यक्ति के सैंपल जांच के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। रोगी को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है। एच 3 व एन 2 को लेकर सभी डॉक्टर अलर्ट पर हैं।
डॉ. सुनील संदूजा, डिप्टी सिविल सर्जन