सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में खून में इंफेक्शन होने के कारण एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 20 मिनट तक हंगामा किया। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए परिजन शव को ले गए।
बापौली की शशिता पत्नी सलमान ने 6 सितंबर को सिविल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही बच्चे को पीलिया था। बच्चे की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एसएनसीयू वार्ड में शिफ्ट किया और इंक्यूवेटर पर बच्चे का इलाज शुरू हुआ। जांच करने पर पता चला कि बच्चे के खून में इंफेक्शन है। मंगलवार शाम को बच्चे की हालत काफी बिगड़ गई। स्टाफ नर्सों ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका को फोन कर इसकी सूचना दी और बच्चे को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन समय पर परिजन अस्पताल में नहीं मिले। जब तक डॉ. निहारिका अस्पताल पहुंची बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन वार्ड में पहुंचे और वहां पर जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों पर इलाज में देरी करने का आरोप लगाया। तीमारदारों के समझाने के बाद परिजन शव को ले गए।
एसएनसीयू वार्ड इंचार्ज डॉ. निहारिका ने बताया कि वार्ड से कॉल आने पर मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन परिजन मौके पर नहीं थे। स्टाफ और हमारी तरफ से बच्चे को बचाने की पूरी कौशिश रही, लेकिन बच्चे को पीलिया, खून में इंफेक्शन था। इस कारण उसकी मौत हो गई।