अंबाला कैंट के बस स्टैंड पर खड़े यात्री बस का इंतजार करते हुए। संवाद
अंबाला। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के कारण रोडवेज ने अपनी अधिकांश बसें लोगों को कुरुक्षेत्र ले जाने के लिए लगा दीं। रोडवेज की बसें न होने से लंबे रूटों पर लोगों काे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली और हरियाणा के अन्य जिलों में भी बसों का ठीक से संचालन रोडवेज नहीं कर सका। क्योंकि रोडवेज ने 80 प्रतिशत बसों को कुरुक्षेत्र भेज दिया था। ऐसे में महज 20 प्रतिशत बसों से ही यात्रियों को ले जाया गया। इसके साथ ही स्थानीय रूट पर जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुईं। इसके साथ ही स्थानीय कॉलेजों में परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थी भी बस न मिलने से समय से नहीं पहुंच पाए। बच्चे जब एकत्रित होकर सिटी के बस स्टैंड पर इंचार्ज से मिले तो उन्होंने निकल जाओ बोलकर झाड़ दिया। यह तक कह दिया कि हमारे पास कोई समाधान नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी मायूस होकर लौट आए।
स्थानीय मार्गों पर भी परेशान हुए यात्री
बसों की कमी होने के कारण स्थानीय मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। जो लोग आवश्यक कार्य से जा रहे थे वह समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। इसके साथ-साथ चंडीगढ़ से दिल्ली और हिसार जाने वाली बसों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली है। स्थानीय रूटों में अंबाला सिटी से नरायणगढ़, सिटी से मुलाना, सिटी से रायपुररानी, निहारसी, भुन्नी, केसरी, मालवा व नन्यौला रूट प्रभावित रहा। वहीं लंबे मार्गों में दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के रूट पूरी तरह से प्रभावित रहे। इसके अलावा हरियाणा में झज्जर, रोहतक, हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, चरखी दादरी सहित अन्य रूटों पर भी बसें नहीं चल सकीं। पंजाब के लिए महज 5 प्रतिशत ही बसें चलीं। बसों के इंतजार में यात्री सिटी व कैंट के बस स्टैंड पर खड़े इंतजार करते दिखे। लोग मजबूरी में प्राइवेट टैैक्सी लेकर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
छात्रों ने बताई समस्या
यमुनानगर निवासी यश ने बताया कि आज परीक्षा थी। तीन घंटे तक बस का इंतजार किया मगर बस नहीं मिली। परीक्षा का समय अब तो निकल गया। वहीं छात्र अनुज ने बताया कि वह दो घंटे तक बस स्टैंड सिटी में खड़े रहा। उसे यमुनानगर के लिए कोई बस नहीं मिली। सुबह भी वह ट्रेन से आया था, अब लग रहा है कि दोबारा से ट्रेन में ही जाना पड़ेगा। वहीं छात्र साहिल ने बताया कि सुबह आते समय भी परेशानी का सामना करना पड़ा था। रोडवेज को यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। रैलियों के लिए प्राइवेट बसों को चलन चाहिए। बसें न आने पर अड्डा इंजार्च से कहा तो वह भी भड़क गए।
अंबाला कैंट के बस स्टैंड पर खड़े यात्री बस का इंतजार करते हुए। संवाद