फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परी डीएनए रिपोर्ट तक अस्पताल में ही रहेगी

Thu, 22 Oct 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में पल रही बच्ची परी को अभी कहीं पर भी शिफ्ट नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग उसकी डीएनए की रिपोर्ट आने का इंतजार करेगा। स्वास्थ्य विभाग के फैसले के बाद बच्ची से लगाव रखने वालों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ ने भी इसे मानवता के नाते सही ठहराया है।
विज्ञापन


मालूम हो कि सिविल अस्पताल प्रशासन 17 जून को अपनों से बिछुड़ी बच्ची परी को एक अक्तूबर को डीएनए होने के बाद बालग्राम राई में शिफ्ट करने का विचार कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर बाल कल्याण अधिकारी को भी पत्र लिख दिया था।

जिसके बाद कई संगठन सामने आए थे। उन्होंने प्रशासन व सीएमओ को ज्ञापन सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कई दिन से मंथन भी कर रहा था। जिसके बाद बच्ची को डीएनए रिपोर्ट आने तक अस्पताल में ही रखने का फैसला लिया।
विज्ञापन


यह है मामला
सिविल अस्पताल में 18 जून से बच्चा बदलने को लेकर हंगामा चल रहा है। रामनगर निवासी कविता ने डॉक्टरों व स्टाफ नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। उसने बताया कि उसकी 17 जून को सिविल अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसको उस वक्त बच्ची पैदा होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसको अगले दिन दूध पिलाने को लड़का दिया गया।

उसके हाथ पर उसका व उसके पति अमित के नाम का टैग बंधा हुआ था। थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत पर डॉक्टर व स्टाफ नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। परिजनों ने डीएनए कराने की मांग की। पुलिस ने इसको लेकर कई बार तारीख लीए लेकिन रामनगर निवासी कविता मधुबन की बजाय चंडीगढ़ डीएनए कराने की मांग पर अड़ गई।

प्रशासन ने मामला बढने पर 10 सितंबर को लघु सचिवालय में बैठक की और बैठक में रामनगर की कविता के साथ नैन व ऊंचा समाना निवासी को भी शामिल किया। उनके बच्चों को भी 18 जून को सिविल अस्पताल की नर्सरी में होना पाया गया था।

प्रशासन ने इसके बाद 28 जून को डीएनए के सैंपल लेने को तारीख मिल गई। बच्चा बदलने का आरोप लगाने वाली रामनगर निवासी कविता नोटिस देने के बाद भी डीएनए कराने को नहीं पहुंची। प्रशासन व पुलिस ने मामले को देखते हुए 28 जून को बच्ची परी व नैन और ऊंचा समाना निवासी कविता का डीएनए करा दिया गया।

रामनगर निवासी कविता के पति अमित की याचिका पर 29 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई की गई। हाईकोर्ट ने एक अक्तूबर को बच्ची व आरोपकर्ता दंपति का चंडीगढ़ में डीएनए कराने का फैसला दिया। जिसके बाद बच्ची का दोबारा रामनगर की कविता के साथ डीएनए कराया गया। इसकी रिपोर्ट को लेकर डीसी ने स्पेशन पत्र लिखा है। बच्ची व तीनों माओं के डीएनए की रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है।

परी की डीएनए की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने तक बच्ची को कहीं पर भी शिफ्ट नहीं किया जाएगा। बच्ची परी पूरी तरह से स्वस्थ है और स्टाफ नर्स भी लगातार देखभाल कर रही है।
विज्ञापन

डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सीएमओ पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें