अभिभावक बोले- फीस में दी गई छूट की बंद, लेट फीस पर भारी जुर्माना लगाकर रोका परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। अधोई स्थित जय पब्लिक स्कूल में शनिवार को अभिभावकों ने प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया। अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पत्र भी लिखा है जिसे सीएम विंडो पर भेजा जाएगा। अभिभावकों ने स्कूल प्रिंसिपल पर अभद्रता का आरोप लगाया।
बराड़ा निवासी रूपेश ने बताया कि उनकी दोनों बेटियां जय स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल चेयरमैन के हस्ताक्षर से दोनों बच्चियों की फीस पर छूट दिया गया था जिसे इस वर्ष बंद कर दिया गया है। अगर फीस लेट जमा करते हैं तो जुर्माना लगाया जाता है। आज जब वह बच्चों का रिजल्ट लेने पहुंचे तो उन्हें जुर्माना लंबित होने का कारण बताकर रिजल्ट देने से इन्कार कर दिया।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रिंसिपल का व्यवहार अभिभावकों के प्रति ठीक नहीं हैं, वह हमेशा अभद्रता करती हैं। वहीं, प्रिंसिपल का कहना था कि यदि उनके पास बैठकर बात करते हैं तो उनकी हर बात का जवाब दिया जाएगा लेकिन यदि हंगामा करते हैं तो ऐसे में समस्या हल नहीं हो पाएगी।
लेट फीस पर ज्यादा जुर्माना वसूला : रमेश
थंबड़ निवासी रमेश कुमार ने बताया कि स्कूल द्वारा लेट फीस होने पर काफी जुर्माना वसूला जाता है। हर महीने फीस बढ़ा दी जाती है। वहीं, उन्हें इस बार बताया गया कि अगले साल का स्कूल बस किराया पूरा एडवांस और तीन महीने की फीस पहले जमा करानी होगी। आज जब वह प्रिंसिपल से बात करने आए तो प्रिंसिपल स्कूल से ही चली गईं। बीमार होने के कारण वह पिछले वर्ष कुछ महीने की फीस नहीं दे पाए तो उन्हें फीस पर जुर्माना लगा दिया। इस संबंध में जुर्माना माफी के लिए वह लिखित पत्र लेकर गए लेकिन प्रिंसिपल ने उस पत्र को फेंक दिया। इसी प्रकार अन्य लोगों ने भी आरोप जड़े।
एनसीईआरटी की किताबें नहीं दी जा रहीं : दीपक
वहीं, दीपक बक्शी ने कहा कि निजी स्कूल विभाग के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। एनसीईआरटी की किताबें नहीं दी जा रही। वर्दी और किताबों के लिए चुनिंदा दुकानें हैं।
अभिभावक इस तरह से स्कूल में हंगामा करेंगे तो वह बात नहीं करेंगीं। वह शांति से बैठकर बात करते हैं तो उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। स्कूल में बच्चों से फीस सीबीएसई पैटर्न के अनुसार ली जा रही है। स्कूल को आठवीं से कन्या स्कूल बनाने की बात बेबुनियाद है। लड़के और लड़कियां दोनों ही यहां पढ़ सकते हैं। यदि किसी का रिजल्ट रोका गया है तो कोई न कोई कारण हो सकता है।
- नीलम जैन, प्रिंसिपल