श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350 साल को समर्पित नगर कीर्तन में शहर वाहे गुरु के जयकारों से गूंज उठा। शहर की संगत पालकी के दर्शन करने उमड़ पड़ी। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी और उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने गुरुद्वारे में माथा टेका।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्र छाया और पांच प्यारे की अगुवाई में श्री गुरुद्वारा पहली पातशाही से बुधवार को नगर कीर्तन निकला। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी और उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे इसमें मुख्य अतिथि रहे। उपायुक्त डॉ. खरे अपनी बेटी के साथ गुरु घर पहुंचे और माथा टेका। इसके बाद गुुरु के जयकारों के साथ नगर कीर्तन पंज प्यारों की अगुवाई में शुरू हुआ।
गुरु पालकी के दर्शनों के लिए संगत उमड़ पड़ी। नगर कीर्तन में शहर और आस-पास के गांवों के शबदी जत्थों ने अपनी सेवाएं दी। गतका पार्टियों के करतब देख श्रद्धालु चकित रह गए। श्री गुरुद्वारा पहली पातशाही के प्रधान सरदार सुखदेव सिंह ने बताया कि शहर के सभी धर्मों के लोगों ने गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 350 साला अलौकिक नगर कीर्तन का स्वागत किया। जगह-जगह संगतों के लिए लंगर आयोजित किया गया था। नगर कीर्तन में सभी धार्मिक संस्थाओं ने भाग लिया। संगत को गुरु गोबिंद सिंह के जीवन इतिहास और उनकी अद्भूत शहादत के बारे में बताया गया। इस मौके पर गुरुद्वारा पहली पातशाही के समूह मेंबर कश्मीरा सिंह, प्रधान कुलदीप सिंह, सचिव हरविंद्र सिंह, इसराना सहिब से दलविंद्र सिंह खालसा, नवांकोट गुरुद्वारा के प्रधान फतेह सिंह आदि मौजूद रहे।