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पहले नहीं की एंट्री, फिर बनाए गलत बिल, 40 करोड़ टैक्स बकाया

Sat, 08 Oct 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
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j - फोटो : j
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नगर निगम की लापरवाही शहर वासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। लोगों ने प्रॉपटी टैक्स जमा करा दिया, लेकिन उसकी एंट्री करने की फुर्सत निगम कर्मियों को नहीं मिली। अब पिछला टैक्स जोड़कर लोगों को बिल भेज दिए। प्रॉपर्टी टैक्स का दस गुना तक बिल देखकर लोगों के होश उड़ रहे हैं। अधिकारियों के भी शहर से करीब 40 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करने में पसीने छूटे रहे हैं।
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अब शहरवासी प्रॉपटी टैक्स के बिल ठीक करवाने के लिए रोजाना निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। प्रॉपर्टी टैक्स न आने पर शहर के विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांट रहा है। अब तक करीब 40 प्रतिशत बिल ही बंटे हैं। नगर निगम की लापरवाही के कारण इन बिलों में पिछला बिल भी जोड़ दिया गया है, जबकि पिछला बिल बहुत से लोग जमा भी कर चुके हैं। ऐसे लोग अब अपने बिल सही कराने के लिए निगम कार्यालय में भटक रहे हैं।
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निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बिल बनाने के लिए कंपनियों को ठेका दिया हुआ है। इसके बाद भी गलत बिल बना दिए गए हैं। नगर निगम ने लोगों को दस गुना अधिक तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेज दिया है। वार्ड-चार अमर भवन चौक निवासी विवेक ने बताया कि निगम ने पहले ढाई हजार रुपये का बिल भेजा था। इस बार 12 हजार रुपये से अधिक का बिल भेज दिया है। जबकि, वह पिछला टैक्स जमा कर चुके हैं। बिल गलत होने के कारण परेशानी हो रही है।

अब तक 40 प्रतिशत ही बिल बंटे
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में करीब प्रॉपर्टी टैक्स के एक लाख 40 हजार बिल बांटे जाने हैं। इनमें अब तक 40 प्रतिशत ही बिल बांटे जा सके हैं। इनमें भी ज्यादातर गलत हैं।
विकास कार्यों और राजस्व पर पड़ रहा असर
नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स का लगभग 40 करोड़ रुपये बकाया हैं। बिल गलत बनाने के कारण लोग बिल जमा नहीं कर रहे। इस वजह से शहर के विकास कार्यों पर असर पड़ेगा। निगम को राजस्व का भी नुकसान होगा। बता दें कि शहर में सैकड़ों विकास कार्य बजट न होने पर बंद पड़े हैं। पार्षद भी इसकी मांग कर चुके हैं।

पिछली बार छूट के बाद जमा हुए थे नौ करोड़
पिछली बार नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी थी। इसके बाद करीब नौ करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के जमा हुए थे। अब गलत बिल के कारण लोग बिल जमा करने से परहेज कर रहे हैं।


पिछले बिलों की रसीद नहीं
नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स का पिछला बिल जमा करा दिया था। इस बार उस टैक्स को दोबारा बिल में जोड़कर 5200 रुपये का बिल भेज दिया है। निगम अधिकारी पिछले बिलों की रसीद मांग रहे है। ऐसे में कैसे बिल भरा जाएगा। मैं कई बार निगम कार्यालय के चक्कर लगा चुका हूं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बिट्टू, आठ मरला निवासी।


दुकान, घर का बिल जमा कराया, अब फिर जोड़ दिया
मैंने दुकान और घर का प्रॉपर्टी बिल पिछले साल ही जमा करा दिया था। निगम ने इस बार के बिल में पिछला बिल भी जोड़कर भेेज दिया है। मैं प्रॉपर्टी टैक्स का बिल ठीक कराने के लिए नगर निगम के कई दिन से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अधिकारी मेरी बात नहीं सुन रहे हैं।
यज्ञदत्त, शहरवासी।


कच्चा मकान, फिर भी आठ हजार का बिल
मेरा कच्चा मकान है। इस बार नगर निगम ने आठ हजार रुपये का प्रॉपटी टैक्स का बिल भेज दिया है। मैं पिछले सभी बिल भर चुका हूं। मैं अब मजदूरी छोड़कर बिल ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहा हूं। नगर निगम कार्यालय में कई बार अधिकारी नहीं मिलते। जब मिलते हैं तो सुनवाई नहीं करते।
रामलाल, निवासी किशनपुरा।

प्रॉपर्टी टैक्स के बिल गलत बनने की जानकारी मिली है। ऐसे बिलों को जल्द ही ठीक कराया जा रहा है। किसी का टैक्स जमा कराने का दावा है कि तो वह अपनी पहले की रसीद लेकर आएं। उसका प्रॉपर्टी टैक्स तुरंत कम कर दिया जाएगा।
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वीना हुड्डा, कमिश्नर नगर निगम पानीपत।
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