रेलवे स्टेशन पर दो बार बम धमाकों के बाद भी यार्ड में अब तक टॉवर लाइट नहीं लग पाई है। इसको लेकर एडीआरएम स्तर के अधिकारी कई बार आदेश कर चुके हैं। आदेश और धमाकों के बाद भी स्थानीय अधिकारी टावर लाइट को लेकर गंभीर नहीं हैं। शायद रेलवे अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
रेलवे स्टेशन के यार्ड में 15 जनवरी 2016 और 12 मई 2016 को दो बार बम ब्लास्ट होने के बाद सिर्फ पानीपत स्टेशन पर अधिकारियों की बैठक होती रही, लेकिन रेलवे स्टेशन परिसर में न तो पुख्ता सिक्योरिटी के इंतजाम है और न ही बम ब्लास्ट के समय बैठक के दौरान रेलवे स्टेशन पर जरूरी चीजें अभी तक नहीं लग पाई है।
तीन माह पहले एडीआरएम ने हाईमास्क टॉवर लाइट लगवाने के दिए थे आदेश
तीन महीने पहले एडीआरएम आरसी गुप्ता ने पानीपत रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। उन्होने यार्ड में हाई मास्क टॉवर लाइट लगवाने के तुरंत आदेश जारी किए थे। जिसके बाद टॉवर लाइट व वॉच टॉवर लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया। यार्ड में सीसीटीवी कैमरा तो लगा हुआ है, लेकिन टॉवर लाइट न होने के कारण रात में कैमरा न के बराबर है। वॉच टॉवर रेलवे परिसर पर निगरानी व अपराधिक तत्वों पर नजर रखने के लिए लगवाने का प्रस्ताव भेजा गया था।
15 मई को हुई थी अधिकारियों की पहली बैठक
सबसे पहली बैठक 15 मई 2016 को हुई। जिसमें इंजीरियरिंग, विद्युत, एसएंडटी विभाग, जीआरपी व आरपीएफ पानीपत द्वारा रेलवे स्टेशन का संयुक्त निरीक्षण करने के बाद एक गोष्ठी आयोजित की। जिसके बाद सभी कर्मियों का एक खाका तैयार कर संबंधति विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया।
यहां भेजी गई प्रतिलिपियां
इसकी एक-एक प्रतिलिपि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल दिल्ली पश्चिम, एसएचओ जीआरपी व एसपी जीआरपी अंबाला, एसएसई कार्य एनआरएलवाई पानीपत, एडीईएन उत्तर रेलवे पानीपत, एसएसई विद्युत उत्तर रेलवे पानीपत, एसएसई टेली उत्तर रेलवे पानीपत व एडीएसटीई उत्तर रेलवे दी गई।
सुरक्षा के लिए अवैध रास्तों को बंद कराने के लिए भेजा पत्र
रेलवे स्टेशन पानीपत की सुरक्षा ओर कड़ा करने के लिए आरपीएफ व जीआरपी ने सभी पानीपत रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाले अवैध रास्तों को बंद कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा लेकिन अभी तक न तो उसका कोई जवाब आया और न ही अवैध रास्ते बंद किए जा सके। जिसका फायदा उठाकर अपराधी तत्व आसानी से इन रास्तों से आ-जा सकते है और किसी भी बड़ा घटना का अंजाम दे सकते है। रेलवे परिसर अभी भी चारों ओर से खुला हुआ है।
चालीस सीसीटीवी लगवाने के लिए भेजा पत्र
रेलवे परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए चालीस सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए पत्र भेजा था। जिसमें 16 फिक्स कैमरे व 24 जूम कैमरे नाईट वर्जन के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें से सिर्फ तीन कैमरे कुरूक्षेत्र रेलवे स्टेशन से उखाड़ कर लगाया गया है। इन चालीस कैमरों में से एक कैमरा भी नहीं आ पाया है।
15 जनवरी और 12 मई को दो बार बम बलास्ट हुए है जिसके बाद करीब पांच बार मीटिंग कर दिल्ली मंडल के उच्चाधिकारियों को मांग पत्र भेजा जा चुका है। इसको लेकर अब तक मंडल की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। हम खुद ही चिंतित हैं।
जीएस गौतम, एसएचओ, आरपीएफ पानीपत।
हाईमास्क टॉवर लाइट को लगवाने का प्रस्ताव दिल्ली उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ। जैसे ही प्रस्ताव पास हो कर आता है। तुरंत ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उमेद राम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत, पानीपत।