गांव गोयला कलां स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों की गुटबाजी के चलते विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। आरोप है कि अध्यापकों को पढ़ाने के लिए कहा जाए तो इंचार्ज को स्कूल में नहीं घुसने की धमकी दी जाती है।
स्कूल कार्यवाहक इंचार्ज ने खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत कर उचित कारवाई की मांग की है। गोयला कलां गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बीते वर्ष डीडी पावर को लेकर विवाद गहराया था। लंबे समय तक स्कूल सुर्खियों में रहने के चलते वहां अध्यापक आने तक के लिए तैयार नहीं थे।
पढ़ाई ठीक से न होने के पर बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था। स्कूल में शिक्षा के माहौल को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने गोयला खुुर्द से प्रोमिला को डीडीओ अंतरिम व्यवस्था के तहत गोयला कलां के स्कूल में भेजा था। लेकिन, स्कूल में को कुछ अध्यापकों ने फिर से राजनीति का अखाड़ा बना दिया है।
इंचार्ज प्रोमिला ने बीईओ को दी लिखित शिकायत में बताया कि यदि किसी जरूरी काम से गोयला खुर्द स्कूल में जाती हैं तो कुछ अध्यापक स्कूल में पार्टीबाजी करते हैं। स्कूल को सुचारु नहीं चलने देते। स्कूल के समय साजिश के तहत विधायक के पास जाकर उसकी शिकायत करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब अध्यापकों को क्लास में जाकर पढ़ाने के लिए कहा जाता है, तो उन्हें स्कूल में नहीं घुसने की धमकी दी जाती है। बीईओ रमेश कुमार ने बताया कहा कि इंचार्ज प्रोमिला ने स्कूल के कुछ टीचरों की पार्टीबाजी कर माहौल खराब करने की शिकायत की है। वे वीरवार को स्कूल में जाकर जांच करेंगे। दोषी अध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।