फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ एसबीआई में ही पहुंच पाया पैसा, 96 बैंक आउट ऑफ कैश

Fri, 18 Nov 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
विज्ञापन
पानीपत - फोटो : bureau
विज्ञापन
जिले के बैंक नौ दिन में खाली हो गए। इसके चलते 96 बैंक और उनकी शाखाओं में एक्सचेंज और निकासी का काम पूरी तरह से ठप रहा। पंजाब नेशनल बैंक और उसके 27 एटीएम में लेन-देन नहीं हो सका। कैश न होने पर दोपहर में लोग खाली हाथ घर लौट गए।
विज्ञापन


इसी मारामारी के बीच जीटी रोड पर स्थित आईसीआईसीआई बैंक गेट का शीशा चटक गया। केवल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कैश आया। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। लोगों की बैंकों का कैश खत्म होने और सरकार के हर रोज आ रहे नए आदेशों से हालत खराब है।

लोगों को अपने मेहनत की कमाई रद्दी होने का डर सताने लगा है। कैश की व्यवस्था न हो पाने से शुक्रवार को 17.86 करोड़ रुपये की एक्सचेंज और निकासी हुई,  जबकि 298 करोड़ रुपये जमा किए गए।
विज्ञापन

बैंकों में कैश जमा कराने का शुक्रवार को आठवां दिन रहा।

500 और एक हजार के नोट बदलवाने के लिए लोग सुबह से ही बैंकों के बाहर लाइन में लग गए। बैंक खुलने के समय लाइन लंबी होती चली गई। शुक्रवार को सुबह ही करीब 96 बैंक ओर उनकी शाखाओं में आउट ऑफ कैश होने के कारण एक्सचेंज और निकासी बंद हो गई।

इन बैंक और शाखाओं मेें केवल पैसे हुए। इससे लोग मायूस लौटे। बैंकों के बाहर से दोपहर बाद भीड़ छटनी शुरू हो गई। पंजाब नेशनल बैंक में कैश न पहुंचने के कारण इसके 27 एटीएम बंद रहे। जीटी रोड पर स्थित एसबीआई में दस करोड़ रुपये पहुंचे। कई एटीएम में भी स्थिति चिंताजनक रही।

मुख्य डाकघर और उनके उप डाकघरों के लिए शुक्रवार की सुबह कुछ राशि उपलब्ध करवाई गई। इससे कई दिनों से पैसों की तंगी झेल रहे डाकघरों को कुछ राहत मिली। डाकघर में सुबह से लेकर ड्यूटी पूरी होने तक कैश एक्सचेंज किया गया।

आईसीआईसीआई में दरवाजा चटका
जीटी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में शुक्रवार को कैश जमा और एक्सचेंज के दौरान धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान बैंक के मुख्य गेट पर लगा दरवाजे का शीशा चटक गया। इसके बाद अधिकारियों ने एक बार बैंक को खाली करा लिया। अधिकारियों ने स्थित नियंत्रण में होने के बाद फिर से दरवाजा खोला।

शादी को लेकर लोग काटने लगे चक्कर
नोट बंद होने के बाद अपने बेटे या बेटी की शादी के लिए चिंतित लोगों को कुछ राहत मिली है। ऐसे लोग अपने खाते से ढाई लाख रुपये निकलवा सकेंगे। शहर के कई बैंकों में शुक्रवार को लोग कैैश निकलवाने पहुंचे। लोगों ने शादी का कार्ड और शपथ पत्र देने के साथ अन्य कागजी कार्रवाई पूरी की।

कई बैंकों में ऐसे लोग कैश लेने में सफल रहे, जबकि कई बैंकों में कैश न होने के करण इन लोगों को परेशानी हुई।

अब बस दो हजार ही होंगे एक्सचेंज
सरकार के आदेश आने के बाद से शुक्रवार से ही बैंकों में 4500 की बजाय दो हजार रुपये ही एक्सचेंज किए गए। इससे जिले में अधिक लोगों का पैसा एक्सचेंज हुआ। कुछ लोग इस फैसले पर खुश नजर आए तो कुछ के चेहरे लटक गए।

बतरा कॉलोनी निवासी राजीव और पुष्पा ने बताया कि नोट बंद करने के बाद सरकार हर रोज नए नियम लागू कर रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। सरकार ने अब एक्सचेंज कराने की सीमा 4500 रुपये से घटाकर दो हजार रुपये कर दी है।

इससे परेशानी ज्यादा होगी। महादेव कॉलोनी निवासी राजकुमार और कृष्ण ने बताया कि सरकार का एक्सचेंज राशि घटाने का फैसला सराहनीय है। इस फैसले के बाद ज्यादा लोग एक्सचेंज करा सकेंगे।

बैंकों में उंगलियों पर लगी स्याही
सरकार के आदेश के बाद भी जिले के दो चार बैंकों और डाकघरों को छोड़कर किसी भी बैंक में स्याही नहीं लगाई जा रही। इससे एक उपभोक्ता कई-कई बार लाइन में अलग-अलग स्थानों से पैसे एक्सचेंज करा रहे हैं। सरकार के निर्देश में सबसे पहले यह काम मेट्रो सिटी में शुरू होना था। इसके दो दिन बाद अन्य शहरों में शुरू किया जाना था।

शुक्रवार को जिले के कई बैंक और शाखाओं में कैश न होने से दिक्कत रही। बैंकों से 17.86 करोड़ रुपये एक्सचेंज किए गए या निकाले गए। 298 करोड़ रुपये का कैश जमा हुआ। पीएनबी में कैश नहीं पहुंच पाया। इससे पीएनबी के 27 एटीएम बंद रहे। नया कैश जल्द ही आने की उम्मीद है।
विज्ञापन

राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें