नोटबंदी के बीच सरकार द्वारा यूपीआई डिवाइस के माध्यम कैशलेस लेन-देन अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में लोगों को क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड और एटीएम का कोड नंबर किसी के साथ सेयर नहीं करना चाहिए।
इन सबको लेकर एसडीएम विवेक चौधरी ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों कर्मचारियों, बैंकर्स और नागरिकों की बैठक ली।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यूपीआई डिवाइस के माध्यम से कैशलेस लेनदेन करना अनिवार्य कर दिया है और उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि देने की योजना भी लागू की है। उपभोक्ता को अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड और एटीएम का कोड नंबर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीआई अतिरिक्त बैंक सूचना दिए बिना वर्चुअल पेमेंट एड्रेस वीपीए का इस्तेमाल कर पैसे भेजने और प्राप्त करने की एक तीव्र एवं सरल प्रणाली है तथा यूएसएसडी संचार प्रौद्योगिकी की एक मोबाइल वैश्विक प्रणाली जीएसएम है जो अन्य प्रणालियों से बेहतर है।
इसलिए जिला प्रशासन के साथ-साथ सभी बैंक प्रबंधक बैंक परिसरों के बाहर टेंट लगाकर कैसलेस लेनदेन को बढ़ावा देंने और बैंकिंग प्रणाली के मामले में नागरिकों को शिक्षित करने का अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था भी की जाएगी। इस मौके पर नगराधीश संदीप अग्रवाल व डीआईओ मुकेश चावला मुख्य रूप से मौजूद रहे।