प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यालय खोलकर जनता के करोड़ों रुपये डकारने वालों के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। वीरवार को कार्रवाई की मांग करते हुए विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोग स्काईलार्क में एकत्रित हुए। यहां सभी ने मीटिंग की और उसके बाद एसपी के नाम शिकायत पत्र सौंपा। लोगों का आरोप है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यालय खोलकर ये कंपनी करीब 100 करोड़ रुपये लेकर भाग गई है। एसपी ने शिकायत के आधार पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
एसपी के नाम दी शिकायत में बताया कि हरियाणा के विभिन्न जिलों पानीपत, अंबाला शहर, अंबाला कैंट, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, जींद समेत लगभग प्रत्येक जिले में कंपनी का एक कार्यालय है। इसके साथ ही अन्य नामों से भी कार्यालय चलाए जा रहे हैं। आरोप है कि इनमें काम करने वाले लोगों ने साल 2011 से प्रदेश में अपनी दुकानें खोल रखी हैं। ये खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हैं और बैंकिंग सेक्टर की तर्ज पर लोगों से एफडी और आरडी के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्रित कर रहे हैं। शहर मेें सलारगंज गेट पर भी कंपनी का कार्यालय था, जबकि सेक्टर-25 में मुख्यालय था। यहां पर सभी कार्यालय रिपोर्ट करते थे। आरोप है कि हरियाणा ही नहीं बल्कि पंजाब, हिमाचल, यूपी, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों में भी इन्होंने अपने कार्यालय खोल रखे हैं। आरोप है कि एफडी का परिपक्वता समय नजदीक आने पर कंपनी ने लोगों को पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि कंपनी ने प्रदेश के अधिकतर जिलों में अपने कार्यालय बंद कर दिए हैं। लेकिन, अंबाला कैंट, सोनीपत, यमुनानगर और दिल्ली के उत्तमनगर में इनके कार्यालय अब भी चल रहे हैं।
किसने कितने किए इन्वेस्ट
जीरकपुर निवासी रमनदीप के माता-पिता ने 15 लाख, नूरवाला निवासी सुरेश शर्मा ने 35 लाख, करनाल निवासी बनारसी दास ने 12 लाख, सनौली कलां निवासी राममेहर गौतम ने सात लाख, सफीदों के प्रवीन लांबा ने 12 लाख, हसनपुर निवासी गीता ने 10 लाख रुपये इन्वेस्ट किए थे। इन्हें अब उनके पैसे वापस नहीं मिल रहे। शिकायत देने वालों मेें बलजीत कौर, बाला, गीता, मोनिका, ज्योति, मूर्ति देवी, संतरा, पूनम, सूमन, जयवंती, रिंकू रानी, नरेंद्र कुमार, राममेहर, सुभाष चंद्र, दीपक कुमार व अमित कुमार मौजूद रहे।