500 व 1000 हजार के नोट बंद होने के नौ दिन बाद भी पांच सौ व हजार के नोट बदलवाने वालों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। बैंकों के आगे सुबह से लाइन लगनी शुरू हो जाती है।
शुक्रवार को खंड के बैंकों में कैश की भारी समस्या बरकरार रही। लोगों को कैश ना मिलने के बाद निराश घर लौटना पड़ा।खंड के बैंकों में नोट बदलवाने, पैसे लेने व जमा करवाने वालों की भीड़ ने बैंक कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है।
सुबह दस बजे से देर रात तक कर्मचारियों को बैंक में ही रूककर काम करना पड़ रहा है। सुबह से ही बैंकों के सामने उपभोक्ताओं की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। बैंकों में जल्द कैश खत्म होने पर उपभोक्ताओं को निराश ही घर लौटना पड़ता है।
उपभोक्ता बलराज, सन्नी, जीत सिंह, महावीर, कर्मबीर, सोमदत्त, ओमप्रकाश, जयपाल व मदन सिंह ने बताया कि नोटबंदी के कारण रोजमर्रा के कार्य भी पूरी तरह से बधित हो रहे है।
लोगों को घर के सारे काम छोड़कर सुबह से ही बैंकों के सामने लाईनों में खड़ा होना पड़ता है। बैंकों में कैश ना पहुंचने के कारण लोगों को निराश ही घर लौटना पड़ता है। कई-कई दिन लाईन में लगने के बाद लोगों को कैश मिल रहा है,
हालांकि उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले की प्रशंसा की है।