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दो बम धमाकों के बाद भी रेलवे स्टेशन नहीं सुरक्षित

Sun, 09 Oct 2016 12:32 AM IST
amar ujala beuro panipat
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y - फोटो : y
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रेलवे स्टेशन दो बम धमाकों के बाद भी सुरक्षित नहीं है। यहां की सुरक्षा में अनगिनत खामियां हैं। रेलवे स्टेशन पर आज तक सारे सीसीटीवी कैमरे तक इंस्टाल नहीं हो सके हैं। न ही रेलवे स्टेशन में दाखिल होने वाले चोर रास्ते बंद किए गए हैं। वॉच टावर और हाई मास्क टावर पर लाइट तक नहीं लगी हैं। इसके बाद भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रेलवे स्टेशन का दौरा कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होने का दावा कर चुके हैं।
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रेलवे के चार विभागों के अधिकारियों की रिपोर्ट ने सबके दावों की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि रेलवे के इंजीनियरिंग, विद्युत, एसएंडटी और आरपीएफ द्वारा रेलवे स्टेशन का संयुक्त निरीक्षण किया। इसके बाद इसकी एक कॉमन रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई। इसी रिपोर्ट में रेलवे स्टेशन की सुरक्षा का एक्सरे साफ दिखाई पड़ा। चारों विभागों की संयुक्त टीम ने खामियों से अवगत कराने के साथ यहां पर समय पर पुख्ता प्रबंध करने की सिफारिश की है। बताया यह भी जा रहा है कि रेलवे के आला अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट मांगी थी।

ये मिलीं खामियां
रेलवे स्टेशन पर कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन ये पर्याप्त क्षेत्र को कवर नहीं कर पा रहे। जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने 16 फिक्स और 24 जूम कैमरे के साथ नाइट विजन का प्रस्ताव भेजा है। हकीकत में रेलवे स्टेशन पर 20 सीसीटीवी कैमरे ही लगे हैं। इनमें आरपीएफ के तीन और बाकी 17 जीआरपी के हैं। रेलवे यार्ड में हाईमास्क टावर लाइट की बड़ी कमी है।
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वरिष्ठ खंड अभियंता उत्तर रेलवे विद्युत पानीपत वाच टावर को जरूरी बताया है। चारों विभागों की संयुक्त टीम ने रेलवे यार्ड और पानीपत स्टेशन पर निगरानी के लिए रेलवे स्टेशन के मॉडल टाउन की तरफ स्थित साइकिल स्टैंड के साथ वाच टावर की जरूरत बताई है।

अनाधिकृत प्रवेश सुरक्षा में छेद
रेलवे स्टेशन पर आने के लिए अनाधिकृत प्रवेश सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों में छेद की तरह हैं। इनका फायदा उठाकर अपराधी और असामाजिक तत्व आसानी से वारदात कर सकते हैं। इन अवैध रास्तों को बाउंड्रीवाल या अन्य तरीके से बंद कराना जरूरी है।

यहां-यहां हैं अवैध रास्ते
पानीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पर स्थित एनआरएमयू और यूआरएमयू ऑफिसों के मध्य बना अवैध रास्ता।
प्लेटफार्म नंबर एक से असंध पुल के मध्य रेलवे क्वार्टरों की तरफ जाने के लिए तीन अवैध रास्ते।
असंध पुल पानीपत ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइनों को पार कर एक ओर से दूसरी ओर जाने, वहां से स्टेशन की ओर आने का अवैध रास्ता।
जीआरपी मैस के नजदीक से महाबीर कॉलोनी की तरफ जाने वाला अवैध रास्ता।
माल गोदाम की ओर से अवैध रास्ता।

एक भी बम धमाके का नहीं लगा सुराग
रेलवे स्टेशन 2007 में समझौता एक्सप्रेस बम धमाके के बाद 15 जनवरी को पानीपत रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में धमाका किया गया था। इसमें ट्रेन की एक बोगी क्षतिग्रस्त हो गई थी। आईएनए और रेलवे के उच्च अधिकारियों की टीम ने मौका मुआयना किया था। आईएनए और दूसरी जांच एजेंसी पहले धमाके का ही खुलासा नहीं कर पाई थीं। अब 12 मई को रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी एक दूसरी पैसेंजर ट्रेन में धमाका कर दिया गया। पुलिस और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी दोनों धमाकों को आतंकी वारदात मान चुके हैं, लेकिन खुलासा एक का भी नहीं हो सका है।

रेलवे के तीन अन्य विभागों के साथ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के प्रबंधों का जायजा लिया गया है। यहां पर कुछ कमियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेज दी हैं। इन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। रेलवे स्टेशन को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जाएगा।
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जीएस गौतम, प्रभारी, आरपीएफ पानीपत।
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