पेरेंट्स एसोसिएशन सीबीएसई स्कूलों द्वारा सहोदय स्कूल कांपलेक्स के बैनर तले बैठक का आयोजन किया गया। एसोसिएशन ने 15 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने के फैसले के विरोध में संघर्ष का बिगुल बजा दिया है और इस बार किसी भी तरह से फीस न बढ़ने देने की साफ शब्दों में चेतावनी दी है। पेरेंट्स एसोसिएशन के सत्र से पहले ही सीबीएसई स्कूलों के विरोध में उतरने से सत्र को लेकर स्कूल प्रबंधन की अब पहले ही धड़कन तेज हो गई है। पेरेंट्स एसोसिएशन ने एक सीबीएसई स्कूल के खिलाफ एसपी को शिकायत दी है और प्रबंधन समिति पर मनमर्जी चलाने व फीस लेने का आरोप लगाया है। इसी तरह से शहर के कई अन्य सीबीएसई स्कूल प्रबंधन को बेनकाब करने का दावा पेश किया है। एसपी ने पेरेंट्स एसोसिएशन को मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पेरेंट्स एसोसिएशन पानीपत ने शुक्रवार को मीडिया से रूबरू होकर सीबीएसई स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एसोसिएशपन के प्रधान कृष्णलाल चुघ ने कहा कि स्कूल संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और शिक्षा अधिकारियों से लेकर सरकार के मंत्री तक इनसे मिले हुए हैं। कई मंत्रियों व विधायकों ने तो अपनी ब्लैकमनी तक को लगा रखा है। उप प्रधान राकेश चुघ ने कहा कि प्राइवेट स्कूल फीसों व फंडों में मनमानी कर रहे हैं। अभिभावक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जाते हैं तो उनके खिलाफ स्टाफ को आगे लाकर मुकदमा तक दर्ज करा दिया जाता है। वे अभिभावकों के लिए आगे आए हैं और स्कूल प्रबंधन उन पर मुकदमें भी दर्ज करा दें तो वे पीछे नहीं हटेंगे। पेरेंट्स एसोसिएशन ने इसके बाद एसपी से मिलकर एक सीबीएसई स्कूल के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की और डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को निजी स्कूलों की मनमानी का ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की।
सीबीएसई स्कूल फार्म-छह तक नहीं भरते
पेरेंट्स एसोसिएशन के लीगल एडवाइजर एडवोकेट सुभाष सैनी ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों द्वारा हर साल 31 दिसंबर से पहले जिला शिक्षा अधिकारी को फार्म-छह जमा कराना होता है। जिसमें फीस बढ़ाने की बात को स्पष्ट करना होता है। स्कूल प्रबंधन फंडो के आधार पर नहीं बल्कि सुविधाओं व पिछले साल की बैलेंस सीट के आधार पर फीस बढ़ानी होती है। लेकिन जिले के अधिकतर सीबीएसई स्कूलों द्वारा फार्म-छह जमा नहीं कराया गया और जिन्होंने जमा कराया है, अधिकारियों ने उनकी बारीकी को जांचा तक नहीं है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन अधिकारियों को भी अंधेरे में रखे हुए हैं।
स्कूलों की गड़बड़ी को मीडिया के सामने रखा
पेरेंट्स एसोसिएशन ने सीबीएसई स्कूलों की मनमानी फीस व इसमें की जाने वाली गड़बड़ी को अभिभावकों के सामने रखा। एडवोकेट सुभाष सैनी ने बताया कि एक निजी स्कूल द्वारा एक बच्चे की दो साल में करीब ढाई लाख रुपये फीस अभिभावकों से ली गई। पेरेंट्स एसोसिएशन जब उसी बच्चे की फीस की जानकारी मांगी तो उनको उक्त बच्चे के नाम से जमा कराई फीस की अमाउंट मात्र 92 हजार रुपये ही दिखाई गई। आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा एक स्कूल के बच्चे की दो साल की फीस में करीब डेढ़ लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन हर साल कई करोड़ों की हेरा-फेरी फीस के रूप में की जाती है।
करनाल का अभिभावक एकता संघ ने भी दिया समर्थन
करनाल का अभिभावक एकता संघ भी पानीपत पेरेंट्स एसोसिएशन को समर्थन दिया है। संघ के प्रधान दिनेश अरोड़ा व महासचिव नवीन अग्रवाल भी पानीपत में आकर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने करनाल में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आठ साल पहले लड़ाई शुरू की थी। एक स्कूल के खिलाफ लाठियां खाने तक आ गए थे। उनकी लड़ाई सफल हुई और वे फीस वापस कराने में सफल हुए। महासचिव नवीन अग्रवाल ने कहा कि स्कूल प्रॉफिट के लिए नहीं चलाए जाते। वे बैलेंस सीट में घाटे में चल रहे हैं तो फीस बढ़ा सकते हैं। कई स्कूल तो रबड़, पैंसिल व टूथब्रश तक अपनी मर्जी से मंगवाते हैं।
एक प्रमुख सीबीएसई स्कूल के खिलाफ एसपी को दी शिकायत
पेरेंट्स एसोसिएशन ने एक स्कूल के खिलाफ एसपी को शिकायत दी है और स्कूल प्रबंधन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पेरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा गलत तरीके से अभिभावकों से फीस ली जा रही है। अभिभावकों ने एसपी को इसके सबूत भी दिए हैं। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों पर भी स्कूल प्रबंधन की गड़बड़ी में साथ देने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रबंधन पर एनुअल चार्ज व अन्य फंडों के बैंक खाते न खोलने के आरोप लगाए हैं।
सीबीएसई स्कूलों ने 23 को लिया था फीस बढ़ाने का फैसला
सीबीएसई स्कूलों द्वारा सहोदय स्कूल कांपलेक्स की एसडी विद्या मंदिर सीनियर विंग में 23 दिसंबर को बैठक में फीस बढ़ाने का फैसला लिया था। सहोदय ने साफ कहा था कि टीचर्स को सातवें वेतन आयोग के लाभ देने पर ही फीस बढ़ानी होगी। पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस फैसले पर चिंता व्यक्त की है और अभिभावक को आगे आने का आह्वान किया है।
अभिभावकों ने कहा, स्कूल फीसों में इन बातों का रखें ध्यान
-स्कूल विद्यार्थियों से नियम 158 व 162 के तहत कंप्यूटर लैब व अन्य चार्ज नहीं ले सकते।
-एडवांस फीस पर लेट फीस का चार्ज नहीं लगाया जा सकता। स्कूल रूल्स के अनुसार स्कूल प्रतिदिन दस पैसे लेट फीस का चार्ज कर सकते हैं।
-शिक्षा नियमावली 2014 के तहत स्कूल प्रॉफिट कमाने के लिए नहीं होते।
-प्रबंधन स्कूल के प्रॉफिट को कैंपस के अंदर ही लगा सकती है, उसको दूसरे मद या स्थान पर प्रयोग नहीं किया जा सकता।
-स्कूल एडमिशन फीस पहली, छठी, नौवीं व 11वीं कक्षा में ही ले सकते हैं।
-स्कूल स्पोट्र्स, चाइल्ड वेलफेयर व रेडक्रॉस फंड ही ले सकते हैं। इसके अलावा फंड लेने का अधिकार नहीं है।
-स्कूलों को 31 दिसंबर से पहले फार्म छह जमा कराना होता है।
-स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर फीस नहीं बढ़ा सकती, उनको पेरेंट्स एसोसिएशन से भी सलाह लेनी पड़ती है।
स्कूलों को हर साल स्टाफ को वेतन बढ़ाकर देना पड़ता है। इसके अलावा भी प्रबंधन के स्कूल में खर्च हैं। सहोदय स्कूल कांपलेक्स की बैठक में सातवां वेतन देने वाले स्कूलों द्वारा ही 15 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने का फैसला लिया था। स्कूल अपने स्तर पर फीस बढ़ाने व न बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं।
विनोद शर्मा, चेयरमैन, सहोदय स्कूल कांपलेक्स, पानीपत।
पेरेंट्स एसोसिएशन की मांगों को ध्यान में रखकर स्कूल प्रबंधन से भी बात की जाएगी। जिले में फीस को लेकर स्कूल व पेरेंट्स के बीच टकराव नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त पानीपत।
--जगमहेंद्र--