नोटबंदी के 31वें दिन भी जिले के किसी बैंक में कैश नहीं आया। ऐसे में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जीटी रोड पर संजय चौक के पास केनरा बैंक के बाहर लोगोें ने जाम लगा दिया। लोगों ने करीब 45 मिनट तक बैंक अधिकारियों और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस वजह से नेशनल हाईवे पर जाम लग गया। थाना चांदनी बाग प्रभारी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। केनरा ही नहीं, अन्य कई बैंकों के अधिकारियों ने भी कैश न होने पर हाथ खड़े कर लिए।
शुक्रवार को नोटबंदी का 31वां दिन रहा।
जीटी रोड स्थित केनरा बैंक के बाहर लाइन में खड़े लोगों ने बहुत देर तक कैश का इंतजार किया। लेकिन, बैंक अधिकारियों ने सुबह ही कैश न होने का जवाब दे दिया। यह सुन लोगों का गुस्सा फूट गया और वे जीटी रोड की दिल्ली-पानीपत लेन पर आकर बैठ गए।
इससे कुछ ही देर में जाम लग गया। थाना चांदनी बाग प्रभारी जसपाल सिंह ढिल्लो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया। इसके बाद भी लोगों ने करीब 45 मिनट बाद जीटी रोड खोला। इसके बाद भी को पुलिस यातायात सामान्य करने में पसीना आ गया।
एक माह बाद भी नहीं मिली राहत
नोटबंदी के पूरा एक माह बीत जाने के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल रहा। इस कारण हर रोज शहर के लोगों को सड़कों पर जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शुक्रवार को बैंक अधिकारी कैश आने की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन नहीं आया। ऐसे में बैंक भी खाली हो गए
बाहर लोगों की लंबी लाइन लग गई। इससे बैंक अधिकारी भी दबाव में आ गए। जिले में कुल 211 एटीएम हैं। बैंकों के अनुसार इनमें से हर रोज करीब 50 से अधिक एटीएम चल रहे हैं। लेकिन, धरातल पर शुक्रवार को एक भी एटीएम नहीं चला। इस कारण लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक घूमते रहे।
वीवर्स कॉलोनी निवासी रानी ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से जीटी रोड स्थित केनरा बैंक में जा रही है, लेकिन यहां पर बैंक मैनेजर का सिर्फ एक ही जवाब होता है कि बैंक में कैश नहीं आया है। जबकि लोगों के चेक तक क्लीयर किए जा रहे हैं।
किशनपुरा निवासी शाइना ने बताया कि घर में उसकी बहन की शादी है। वह तीन दिनों से पैसे लेने के लिए आ रही है, लेकिन बैंक अधिकारी बोल रहे है कि हमसे पूछ कर शादी तय की थी जो पैसे मांगने आ गई। अब हम बिना पैसे के शादी कैसे कर सकते हैं।
अमर भवन चौक निवासी विनोद ने बताया कि उसके बेटे का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है। बैंक कर्मचारी बोल रहे है कि हम सिर्फ दो हजार ही दे सकते हैं। अब तो करीब 1500 रुपये तो गाड़ी का किराया लग जाता है। ऐसे में हमारे पास कुछ नहीं बचता।
खटीक बस्ती निवासी ममता ने बताया कि वह वीरवार शहर के सभी नजदीक के एटीएम पर गई। लेकिन, एक भी एटीएम नहीं खुला हुआ नहीं मिला। वह शुक्रवार को केनरा बैंक में आई, लेकिन यहां आकर पता लगा है कि चार दिनों से पैसे नहीं आए हैं।
लोगों को अब कैश की ओर नहीं बल्कि कैशलेस को अपनान चाहिए। आने वाला समय कैश का नहीं, कैशलेस का ही है। इसलिए सभी को कैशलेस ट्रांजेक्शन सीखने की जरूरत है।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।