पानीपत। जेल प्रशासन व पुलिस सुरक्षा के दावों को धत्ता बताते हुए जिला उप कारागार से लूट व वाहन चोरी के दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए। दोनों कैदियों के दिनदहाड़े फरार होने पर जेल के अंदर व पुलिस के बाहर की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जेल अधिकारियों ने अंदर की कमी को स्वीकारा है, लेकिन पुलिस अधिकारी बाहर की सुरक्षा का आज भी दावा कर रहे हैं। दोनों विचाराधीन कैदियों का फरार होना व बच निकलना लोगों के जान व माल पर खतरा है।
समय दोपहर के 1:30 बजे। स्थान जिला उप कारागार। जिला उप कारागार में रविवार को विचाराधीन एक कैदी को शिफ्ट करने का काम चल रहा था। इसी बीच दो कैदियों के भाग जाने के समाचार के साथ कारागार की शांति टूट गई और जेल अधिकारियों से लेकर कर्मचारी भाग खड़े हुए।
अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा और फिर पुलिस को सूचना देकर दो विचाराधीन कैदियों की तलाश करने में सहयोग की मांग की। थाना मॉडल टाउन पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने पूरे शहर की नाकाबंदी कर दी और दोनों की तलाश शुरू की। पुलिस देर शाम तक भी फरार आरोपियों को पकड़ नहीं सकी।
15 फीट की ऊंचा दीवार व तारबंदी को फांद दिया
जिला उप कारागार की दीवार की ऊंचाई 10-11 फीट होने का दावा किया है और इसके ऊपर पांच फीट ऊंचे तक कांटेदार तार लगाए गए हैं। दो विचाराधीन कैदी एक झटके में दीवार व तारों को फांदकर फरार हो गए। इसमें सामने आया है कि उनकी एक अन्य कैदी दिनेश ने मदद की थी। वहीं सामने जेल के किसी कर्मी के सहयोग देने की भी बात आई है। जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेल अधिकारियों के छूटे पसीने
जिला उप कारागार से लूटपाट के दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने पर जेल अधिकारियों के पसीने छूट गए। डीजीपी जेल परमिंद्र राय सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट यश कुमार से मामले की पूरी रिपोर्ट ली और मौका मुआयना किया। बताया जा रहा है दोनों कैदी दूध की खाली कैरेट को दीवार के साथ लगाकर दीवार को फांदकर फरार हो गए।
कैदी भागे तो स्वीकार की कमी
जेल प्रबंधन ने विचाराधीन दोनों कैदियों के फरार होने के बाद कमियों को स्वीकार लिया। उन्होंने कहा कि दीवार ऊंची है, लेकिन तार कुछ ढीले हैं। दोनों विचाराधीन कैदी इसी का फायदा उठाकर फरार हो गए हैं। उन्होंने माना कि इसमें किसी कर्मी का भी सहयोग हो सकता है। वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और संबंधित कर्मी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह है कैदियों का आपराधिक रिकार्ड
इंद्रवीर पुत्र नथीराम काबड़ी रोड कालू पीर के पास रहता है। वह मूल रूप से मैसी माजरा कुरुक्षेत्र का रहने वाला है। उस पर थाना मॉडल टाउन में 17 अगस्त को लूट का मुकदमा दर्ज है। थाना पुलिस ने उसको 12 सितंबर को गिरफ्तार किया था। आरोपी की 19 सितंबर को जेएमआईसी पानीपत की कोर्ट में पेशी थी। जिसके बाद उसको जिला उप कारागार में बंद कर दिया था। दीपक पुत्र रामचंद्र निवासी आसन खुर्द पर लूट व वाहन चोरी के तीन मुकदमे दर्ज हैं। दीपक ने लूट की वारदात इंद्रवीर के साथ मिलकर 17 अगस्त को थाना मॉडल टाउन के अंतर्गत ही अंजाम दी थी। उसने एक वाहन चोरी की एक वारदात 22 मई व दूसरी वारदात 23 फरवरी को अंजाम दी थी। उसको तीनों मामलों में जेएमआईसी पानीपत की कोर्ट में 25 सितंबर को पेश किया था।
दोनों ने प्रॉपर्टी डीलर से लूटी थी कार
मामले के अनुसार थाना माडल टाउन के अंतर्गत गोहाना रोड के पास 17 अगस्त को लूटपाट की वारदात हुई थी। किशनपुरा निवासी राजेश कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। उसने बताया कि वह किसी जानकार की गाड़ी लेकर अपनी पत्नी को छोड़ने उसके मायका गया था। वह वहां से वापस आ रहा था। को-ऑपरेटिव सोसाइटी के नजदीक गली में कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी को रुकवा लिया। बदमाशों ने उस पर पिस्तौल तान दी और उससे गाड़ी व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। थाना पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया था। सीआईए-वन व एंटी स्नेचिंग स्टाफ ने पांच सितंबर को इंद्रवीर उर्फ हेदरअली उर्फ काशीमल निवासी मैसी माजरा कुरुक्षेत्र हाल कालूपीर चुंगी और दीपक उर्फ कृपाल निवासी आसन खुर्द को गिरफ्तार किया था। दोनों लूटी गई गाड़ी को यूपी ले जाने की कोशिश में थे। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
वर्जन
जिला उप कारागार से दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए हैं। वे दीवार के ऊपर लगे तारों के ढीले होने का फायदा उठा गए। पुलिस को मामले की शिकायत दे दी है और दोनों की तलाश शुरू कर दी है। इसमें जेल के अंदर जांच शुरू कर दी है और कमियों को जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।
यश कुमार, डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट पानीपत