सिविल अस्पताल में पल रही बच्ची को एक बार फिर डीएनए टेस्ट के लिए चंडीगढ़ ले जाया जाएगा।
प्रशासन इस बार बच्चा बदलने का आरोप लगाने वाली महिला कविता और उसके पति अमित को भी साथ ले जाएगा। संभावना है कि इस टेस्ट के बाद दूध का दूध और पानी पानी हो जाएगा, क्योंकि इस मामले में दो कविता का पहले ही डीएनए टेस्ट हो चुका है। पुलिस ने कविता और अमित के परिवार को नोटिस और फोन से सूचित कर दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को प्रशासन और पुलिस में बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने के लिए हरकत में रही। डीसी ने हाईकोर्ट के आदेशों को देखते हुए तहसीलदार हरिओम अत्री को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया और पुलिस की तरफ से डीएसपी शहर दलबीर सिंह के निदेश दिए।
दोनों अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रहेगी। बस अड्डा चौकी प्रभारी भीम सिंह ने आरोपकर्ता परिवार के मुखिया और अमित के पिता राजबीर को फोन पर डीएनए टेस्ट कराने की जानकारी दे दी है।
उन्होंने परिवार के लोगों को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर परी और रामनगर निवासी अमित और उसकी पत्नी कविता को डीएनए के सैंपल लेने के लिए वीरवार को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया जाएगा। इसके लिए बस अड्डा चौकी में सुबह के वक्त उपस्थित होना होगा।
रामनगर निवासी कविता के ससुर राजबीर ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि वे डीएनए टेस्ट कराने के लिए जाएंगे। वह सुबह से अपने काम के चलते बाहर था। पुलिस का फोन भी आया था।
वे अमित और उसकी पत्नी कविता को साथ लेकर जाएंगे और बच्ची के साथ दोनों का डीएनए टेस्ट कराने की पहले से ही मांग कर रहे थे। प्रशासन और पुलिस पहले ही यह कदम उठा लेती तो बच्ची को अपनों की गोद मिल जाती।
सिविल अस्पताल में 18 जून से बच्चा बदलने को लेकर हंगामा चल रहा है। रामनगर निवासी कविता ने डॉक्टरों और स्टाफ नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। उसने बताया कि उसकी 17 जून को सिविल अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसको उस वक्त बच्ची पैदा होने की जानकारी दी थी लेकिन उसको अगले दिन दूध पिलाने को लड़का दिया।
उसके हाथ पर उसका और उसके पति अमित के नाम का टैग बंधा था। थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। परिजनों ने डीएनए कराने की मांग की। पुलिस ने इसको लेकर कई बार तारीख ली लेकिन रामनगर निवासी कविता मधुबन के बजाय चंडीगढ़ डीएनए कराने की मांग पर अड़ गई।
प्रशासन ने मामला बढ़ने पर 10 सितंबर को लघु सचिवालय में बैठक की और बैठक में रामनगर की कविता के साथ नैन और ऊंचा समाना निवासी को भी शामिल किया। उनके बच्चों को भी 18 जून को सिविल अस्पताल की नर्सरी में होना पाया गया था। प्रशासन ने इसके बाद 28 जून को डीएनए टेस्ट के सैंपल लेने को तारीख मिल गई। बच्चा बदलने का आरोप लगाने वाली रामनगर निवासी कविता नोटिस देने के बाद भी डीएनए कराने को नहीं पहुंची।
प्रशासन और पुलिस ने मामले को देखते हुए 28 जून को बच्ची परी और नैन और ऊंचा समाना निवासी कविता का डीएनए करा दिया। रामनगर निवासी कविता के पति अमित की याचिका पर 29 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई की गई। हाईकोर्ट ने एक अक्तूबर को बच्ची और आरोपकर्ता दंपति का चंडीगढ़ में डीएनए टेस्ट कराने का फैसला दिया।
हाईकोर्ट के आदेश पर वीरवार को बच्ची और रामनगर निवासी आरोपकर्ता दंपति का पीजीआई चंडीगढ़ डीएनए को सैंपल लेने को ले जाना है। आरोपकर्ताओं को इस बारे में नोटिस देकर अवगत करा दिया है और वीरवार सुबह ड्यूटी मजिस्ट्रेट और डीएसपी शहर की अगुवाई में ले जाया जाएगा। पुलिस ने अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
भीम सिंह, प्रभारी, चौकी बस अड्डा पानीपत।