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नगर निगम में चल रही थी मनमर्जी, मंत्री को मिली खामी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर सस्पेंड

Tue, 02 May 2017 12:38 AM IST
panipat beuaro
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c - फोटो : panipat
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नगर निगम में अधिकारी नक्शे पास करने, बिल्डिंग को सील करने और सील खोलने में मनमर्जी कर रहे थे। मंत्री कविता जैन ने निरीक्षण के दौरान नक्शों और बिल्डिंगों का खेल पकड़ते हुए बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया, जबकि निगम के बाकी मामलों से संबंधित शिकायतों की जांच एसडीएम पानीपत को सौंप दी। कविता जैन करीब ढाई घंटे तक निगम कार्यालय में रही। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायतकर्ताओं के मंत्री के सामने आने पर निगम कमिश्नर भी बचाव मुद्रा में आ गईं। इस दौरान अधिकारी मंत्री के हर सवाल पर सफाई देते नजर आए।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन सोमवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे नगर निगम के रेलवे रोड स्थित प्रशासनिक भवन में पहुंचीं। वहां उन्होंने कार्यालय में अंदर जाते ही दरवाजा बंद करा दिया। किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के प्रवेश पर रोक लगा दी। मंत्री कविता जैन सीधे निगम कमिश्नर वीना हुड्डा के कार्यालय पहुंची। उन्हें देख निगम कमिश्नर और अन्य कर्मचारियों में खलबली मच गई। मंत्री कविता जैन ने एक-एक कर कई मामलों की रिपोर्ट ली। मंत्री को सबसे बड़ा खेल नक्शे पास करने और बिल्डिंगों को सील करने के मामले में मिला।
नगर निगम में मंत्री के सामने इस तरह से खुली पोल,शहर में होर्डिंग के टेंडर नहीं, पैनल्टी लगाने के आदेश
मंत्री कविता जैन ने सबसे पहले शहर में लगे होर्डिंग के टेंडर की रिपोर्ट ली। निगम कमिश्नर और बाकी अधिकारी इस पर अपनी सफाई पेश करने लगे। मंत्री ने कहा कि पूरे शहर में हार्डिंग लगे हैं। अधिकारी इनसे राजस्व प्राप्त करने की बजाय निगम को घाटे में पहुंचा रहे हैं। भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि अधिकारियों को निगम की कोई परवाह नहीं है। वे निगम की बजाय अपना हित साधने में लगे हुए हैं। मंत्री ने कहा कि निगम सभी होर्डिंग की वीडियोग्राफी कराए और संबंधित ठेकेदार या व्यक्ति से पेनल्टी चार्ज करे।
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बिल्डिंग इंस्पेक्टर इतने भले नहीं...
मंत्री के सामने दूसरा बड़ा इश्यू बिल्डिंग के नक्शों और अवैध बताकर सील लगाने का आया। मंत्री ने कमिश्नर और बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलबीर सिंह से जानकारी ली। कमिश्नर ने करीब आठ भवनों के नक्शे सही न मिलने पर सील करने और बाद में नियमानुसार सील खोलने की बात कही। बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि करीब 15 भवनों को पहले सील किया गया और बाद में खोला गया। इस पर निगम कमिश्नर ने सफाई देने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री ने कहा कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर इतने भले नहीं हैं कि वे मौका मुआयना करते होंगे। इसके बाद नक्शे पास कराने से संबंधित कई शिकायतकर्ता सामने आ गए। यह देख कमिश्नर ने हाथ खड़े कर दिए।

ओडीएफ पर मंत्री ने की सराहना
मंत्री कविता जैन ने ओडीएफ मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट ली। मंत्री ने कहा कि सुबह या शाम के वक्त टॉयलट का ताला लगाने की सूचना मिली है। उनके पास सोशल मीडिया पर फोटो भी आई है। कमिश्नर वीना हुड्डा ने कहा कि वे अल सुबह और देर रात तक पूरी टीम के साथ लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

साफ-सफाई पर जताई चिंता
मंत्री कविता जैन ने अधिकारियों से सफाई की रिपोर्ट ली। अधिकारी पार्षदों के आने से पहले दावे कर रहे थे, लेकिन पार्षदों ने पोल खोली तो चुप हो गए। वार्ड-तीन पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि शहर के किसी भी वार्ड में सफाई नहीं हो रही है। शहर से डेयरी तक बाहर नहीं निकल पाई हैं। सफाईकर्मी दिखाई नहीं देते। सेनेटरी इंस्पेक्टर ने बताया कि सफाईकर्मियों की कमी के चलते इस तरह की परेशानी आ रही हैं। मंत्री ने इस मामले में पार्षदों से सहयोग मांगा।

प्रॉपर्टी टैक्स पर बड़ा सवाल, मंत्री ने दी हिदायत
मंत्री के सामने नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स पर भी सवाल उठा। भाजपा पार्षद लोकेश नागरू ने ही निगम अधिकारियों पर आरोप लगाए। कहा कि अधिकारी सुनवाई नहीं करते। उनके पास इसके सबूत हैं। प्रॉपर्टी टैक्स के मामलों में अधिकारी अपने स्तर पर सबकुछ निपटा रहे हैं। उनका खुद का प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित मामला अटका हुआ है। इन सबके चलते छह माह से निगम कार्यालय में आना बंद कर दिया है। वे आज भी मंत्री के आने की सूचना पर आए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को नियमानुसार काम करने की हिदायत दी। वहीं निगम में कुछ पार्षदों द्वारा हंगामा करने और अधिकारियों को बंधक बनाने की भी बात उठी। मंत्री ने इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने की हिदायत दी।
लोगों ने इस तरह से रखी अपनी समस्या
 
तहसील कैंप सुभाष नगर निवासी कुलदीप ने बताया कि उसने अमर भवन चौक पर दुकान बनानी है। उसने ढाई माह पहले नक्शे के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक नक्शा पास नहीं हो पाया है। अधिकारी उन्हें रास्ता नहीं दे रहे। मंत्री ने उनके नक्शे से संबंधित फाइल मंगवाई तो बिल्डिंग इंस्पेक्टर के आब्जेक्शन को देखकर हैरान रह गई। मंत्री ने कहा कि उन्होंने भी अपना मकान बनाया है, लेकिन इस तरह से नक्शा तो पास नहीं हुआ है।

 
विराट नगर निवासी इंद्रजीत गेरा ने कहा कि वह सीए है और मॉडल टाउन में ऑफिस बनाना है। उन्होंने अगस्त माह में साढ़े 18 लाख रुपये की फीस जमा कराकर नक्शे के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक नक्शा पास नहीं हो पाया है।

 
करतार शाह नगर निवासी संजय दुआ ने बताया कि वह बिजनेसमैन हैं। उन्हें कमर्शियल एक्टिविटी के लिए मॉडल टाउन में निर्माण करना है। अगस्त 2016 में साढ़े 18 लाख रुपये जमा कराकर नक्शा पास करवाने की एप्लीकेशन लगाई थी। आज तक नक्शा पास नहीं हुआ है।

 
हरजिंद्र दिलावरी ने कहा कि वह सीआरपीएफ से रिटायर्ड हैं। नगर निगम में बिल्डिंग का नक्शा पास कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे। इसी बीच हरजिंद्र दिलवरी को चक्कर आ गया। उनको बाहर ले जाकर बैठाया गया।

सीनियर डिप्टी मेयर के पति ने भी रखी समस्या
सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला, कांग्रेस समर्थित पार्षद सुनील वर्मा और वार्ड-20 पार्षद पति बलजीत ने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कहा कि दफ्तर में अधिकारी नहीं बैठते। बाहरी क्षेत्र में दस वार्ड हैं, लेकिन यहां पर किसी तरह के काम नहीं हो रहे। पार्षदों को लोगों की सुननी पड़ती है।

नगर निगम का औचक निरीक्षण किया था। यहां पर बिल्डिंग के मामलों संबंधित कई शिकायतें मिली हैं। इस पर बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच एसडीएम को सौंपी है। निगम अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के समाधान के आदेश दिए गए हैं। वे जल्द ही फिर निगम की रिपोर्ट लेंगी। किसी तरह की कमी मिलने पर अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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कविता जैन, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री। हरियाणा सरकार।
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