नगर निगम कर्मचारी संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया है। यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 26 अक्तूबर को दो दिन की हड़ताल पर जाने और काली दिवाली मनाने की चेतावनी दी है। वहीं यूनियन ने डीआरओ के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
नगर निगम कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को डीआरओ बीएस बठला के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक परोचर ने कहा कि यूनियन ने 1989 से कर्मचारियों की मांगों को सरकार के सामने रखता आ रहा है और इन पर विचार विमर्श भी हो रहे हैं। शहरी स्थानीय विभाग की जनता को मूलभूत सुविधा देने वाला नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद प्रमुख इकाई हैं। यहां के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर आज तक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा 26 जून को 22 सूत्रीय मांग पत्र व आंदोलन का नोटिस सौंपा था।
जिसमें 12 व 13 जुलाई को गेट मीटिंग, 19 व 20 जुलाई को झाडू प्रदर्शन, 27 जुलाई को गुडग़ांव कमिश्नरी, दो अगस्त को रोहतक, 12 को हिसार व 17 अगस्त को अंबाला कमिश्नरी में धरना देकर उपायुक्तों के मार्फत अपना मांगपत्र विभाग की मंत्री के नाम सौंपा। इसके बाद 21 अगस्त को सोनीपत में शहरी स्थानीय विभाग मंत्री के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इन सबके बाद सात अक्तूबर को चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के साथ बैठक हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने हर मांग को मुख्यमंत्री के स्तर की मांग बताया। जिसके चलते कर्मचारियों की समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार संघ की मांगों को अनदेखा करती है तो प्रदेशभर में 26 व 27 अक्तूबर को 48 घंटे की राज्य व्यापी हड़ताल कर काली दिवाली मनाने को मजबूर होंगे। इससे पहले कर्मचारी नगर निगम कार्यालय में एकत्रित हुए और यहां से जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ नेता सुभाष ने की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियों को अपना रही है। सरकारी कर्मचारी इन सब नीतियों से नाखुश हैं। इस मौके पर बलदेव बागड़ी, सतबीर सिंह, जगबीर व चरण सिंह मौजूद रहे।