शहर की सरकार की पावर अब आरक्षित महिला के हाथ में होगी। शहरी स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के ड्रॉ में पानीपत नगर निगम मेयर की सीट पिछड़ा वर्ग की महिला के खाते में गई है। फिलहाल पानीपत में मेयर का पद पिछड़ा वर्ग पुरुष के लिए आरक्षित था। इस हिसाब से नगर निगम के वर्तमान सदन में एक भी महिला दावेदार नहीं है। ऐसे में अगले चुनाव को लेकर सरकार बनाने के लिए आरक्षित महिला को लेकर नए समीकरण बनाने होंगे।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने वीरवार को नगर निगम के मेयर की अगली पारी के लिए कोटे का ड्रॉ निकाला। इसमें पानीपत समेत प्रदेश के दस नगर निगमों का ड्रॉ निकाला गया। इसमें पानीपत नगर निगम का ड्रॉ पिछड़ा वर्ग महिला के खाते में गया है। सरकार के इसकी अधिसूचना जारी करते ही शहर की अगली सरकार को लेकर जुगत में लगे लोगों और पार्षदों के हाथ मायूसी हाथ लगी है। इन लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पानीपत नगर निगम का दूसरा प्लान
शहरी स्थानीय निकाय का नगर निगम का इस समय पहला प्लान ही चल रहा है। इन तीन सालों में पानीपत का दूसरा मेयर है। वार्ड-11 पार्षद भूपेंद्र सिंह पहले मेयर बने थे। इनके कुछ दिनों बाद ही पार्षद विरोध में खड़े हो गए। पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया। शहर की सरकार में दूसरे मेयर चुनने को लेकर निर्दलीय सुरेश वर्मा और भाजपा के दुष्यंत भट्ट चुनाव मैदान में थे। क्रॉस वोटिंग के चलते सुरेश वर्मा की लाटरी लग गई। उन्होंने मेयर के चुनाव में दुष्यंत भट्ट को मात दी थी। सुरेश वर्मा का कार्यकाल कुछ दिन तक सामान्य चलने के बाद उनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात उठने लगी। नगर निगम के कुछ पार्षदों ने मंडलायुक्त से मिलकर इसकी मांग भी की थी, लेकिन मेयर सुरेश वर्मा गत दिनों जानलेवा हमले के मामले में फंसने के दौरान मंडलायुक्त को अपना बहुमत भी दिखा आए थे।
इस बार के सदन में एक भी नहीं दावेदार
मेयर का पद पिछड़ा वर्ग महिला के खाते में चला गया है। नगर निगम के 24 पार्षदों में से आठ महिला हैं। इनमें से एक भी पार्षद अगले प्लान में मेयर की दावेदार तक नहीं है। ऐसे में शहर की सरकार बनाने को लेकर नए उम्मीदवार की भी खोज करनी पड़ेगी। कुछ लोगों ने इसको लेकर पहले ही अपनी कमर कस ली है। इसको लेकर सबसे ज्यादा भाजपा को मंथन करना पड़ेगा।
महिलाओं के हाथ में होनी चाहिए पावर
वार्ड-24 से भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट ने बताया कि सरकार महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रही है। नगर निगम की कमान अब महिला के हाथ में आ जाएगी। यह महिलाओं के लिए खुशी की बात है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। वार्ड-आठ पार्षद अशोक नारंग ने बताया कि महिलाओं के आगे आने पर सदन की गरिमा बनेगी और किसी तरह की अव्यवस्था भी नहीं फैलेगी।
शहर की कमान महिलाओं के हाथ में भी होनी चाहिए। उनका भी विकास में सहयोग व मार्गदर्शन जरूरी है। वे सरकार के फैसले के साथ हैं।
सुरेश वर्मा, मेयर, नगर निगम पानीपत।