सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में हैंडलूम एक्सपोर्ट उद्योग के मजदूरों ने हाली पार्क में रोष सभा आयोजित की। उद्योग के मजूदरों ने सरकार के नोट बंदी का विरोध किया।
नोटबंदी में हो रही परेशानियों के चलते हैंडलूम एक्सपोर्ट उद्योग के मजदूरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इससे उद्योगों के कामों में खासा असर पडने की संभावना है।
हैंडलूम एक्सपोर्ट उद्योगों में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों ने रविवार को हाली पार्क में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के 500 और एक हजार के नोट बंद कर दिए।
सीटू के राज्य नेता सुनील दत्त ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था किए 500 और एक हजार रुपये के नोटबंद कर दिए। पूरे देश में लोग पैसों की कमी से जूझ रहे हैं।
गरीबों को दो वक्त की रोटी कमाना मुश्किल हो गया है। सरकार के इस फैसले से सबसे अधिक परेशानी गरीब और मजदूरों को रही है। काला धन रखने वालों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं है।
आम आदमी बैंकों की लाइनों में खड़ा होकर पूरे दिन पैसों के लिए इंतजार करता है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिक बकाया वेतन का भुगतान पुराने 500 और एक हजार के नोट के रूप में कर रहे हैं।
मजदूर उन नोटों को लेने से इनकार करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। पैसे नहीं होने के कारण मजदूरों को खाने पीने का सामान तक नहीं मिल रहा। प्रवासी श्रमिक कमरे का किराया तक नहीं दे पा रहे।
सीटू नेताओं ने महंगाई के अनुसार वेतन बढ़ाने की भी मांग की। इस मौके पर गुलाब, जियालाल, रामलाल, राजू, नंदलाल, राधेश्याम, राम प्रसाद, दीनानाथ, राजबली, संतोष, राजेश आदि मौजूद रहे।