जाट आरक्षण की एक बार फिर सुगबुगाहट उठ गई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रधान यशपाल मलिक के आह्वान पर 22 और 23 दिसंबर को इसका ऐलान किया है। जिला प्रशासन ने इसको लेकर कमर कस
ली है।
उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ. चंद्रशेखर खरे ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान के दृष्टिगत दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 22(1) और 23(2) के तहत विभिन्न अधिकारियों को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए हैं। आदेशानुसार डीआरओ पानीपत को पुलिस स्टेशन पानीपत, बीडीपीओ मतलौडा को पुलिस स्टेशन सदर पानीपत, नायब तहसीलदार समालखा को चांदनी बाग, तहसीलदार पानीपत को पुलिस स्टेशन मॉडल टाउन, बीडीपीओ समालखा को पुलिस स्टेशन समालखा, बीडीपीओ इसराना को पुलिस स्टेशन इसराना, नायब तहसीलदार मतलौडा को पुलिस स्टेशन मतलौडा, बीडीपीओ सनौली को पुलिस स्टेशन बापौली और नायब तहसीलदार पानीपत को पुलिस स्टेशन सनौली क्षेत्र में डयूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। एसडीएम पानीपत व एसडीएम समालखा अपने-अपने क्षेत्र में ओवरआल इंचार्ज होंगे।