जाटों ने एक बार फिर आरक्षण को लेकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है और जाट इस बार बाकी पांच जातियों को लेकर मैदान में उतरेंगे। जाटों ने अपने अधिकारों को पाने के लिए जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला लिया है। पानीपत में जिला स्तर पर धरना उग्रा खेड़ी गांव के स्टेडियम में तय किया गया है। जाटों ने संघर्ष की चेतावनी देते ही प्रशासन से लेकर पुलिस तक के कान खड़े हो गए हैं।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बुधवार को जीटी रोड स्थित रोड़ धर्मशाला में जाट, जट सिख, रोड़, त्यागी, मूला जाट व बिश्नोई के साथ सामूहिक बैठक की। जिसकी अध्यक्षता महावीर रोड़ व संचालन जिला प्रधान सतबीर देशवाल ने किया। प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य प्रताप दहिया ने कहा कि जाट लंबे समय से आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार जाटों के संघर्ष को उग्र होने पर मांगों को मानने का भरोसा देती है, बाद में सब वायदों से मुकर जाती है। पिछले साल फरवरी में जाटों की आरक्षण की मांग को अनदेखा कर दिया गया। जिससे जाटों में सरकार के खिलाफ फिर से रोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जाटों ने 29 जनवरी से जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला लिया है। कहा जाट न्याय यात्रा 11 जनवरी को पानीपत में पहुंचे और 12 जनवरी शाम तक पानीपत के गांवों में दौरा करेगी। सापला से 23 दिसंबर को शुरू न्याय यात्रा गोहाना की तरफ से पानीपत में दाखिल होगी। यात्रा का जिले के गांव कैत में 11 जनवरी की शाम को स्वागत किया जाएगा। इसके बाद इसराना में यात्रा का ठहराव किया जाएगा। 12 जनवरी को इसराना से शुरू यात्रा, मांडी, ग्वालड़ा, समालखा, पावटी, डिकाडला, आट्आ, जौरासी, बिहौली, करहंस, मच्छरौली, झट्टीपुर से होकर उग्रा खेड़ी पहुंचेंगी। यहां से राजा खेड़ी, कुटानी, चंदौली, बडौली व गांजबड़ होते हुए 12 जनवरी की शाम को करनाल जिले में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि आठ जनवरी को यूपी के खरड़ गांव में जाट रैली का आयोजन कर जाट अपनी ताकत का परिचय देंगे। इस मौके पर प्रदेश सचिव सुरेंद्र मलिक, राममेहर, डॉ. जयसिंह, नफेसिंह टामक, मामन, लखपत, सूरज सिंह, राजबीर, इंद्रजीत, रणबीर मूला जाट, नवाब, जोगिंद्र त्यागी, सुलतान रोड़, महिपाल, रामकुमार, सुधीर, कृष्ण पहलवान व दयानंद बिंझौल मौजूद रहे।