ऐतिहासिक नगरी पानीपत का दशहरा विदेशों में भी छा गया। जर्मन की 65 वर्षीय मोशिना रावण दहन को देखकर गदगद हो र्गइं। मोशिना को खासकर हनुमान स्वरूप पसंद आए।
मोशिना जर्मन से भारतीय फेस्टिवल देखने आई थी और वह मंगलवार को दशहरा कमेटी सनौली रोड द्वारा सेक्टर-25 में आयोजित दशहरा पर्व देखने पहुंची थी। मोशिना ने अमर उजाला को बताया कि वह पहली बार इंडियन फेस्टिवल देखने आई हैं। यहां के फेस्टिवल बहुत ही लोकप्रिय हैं।
उसको पानीपत का दशहरा आयोजन वेल इन गुड लगा। उसको सबसे ज्यादा हनुमान स्वरूप पसंद आए। मैं अगली बार पूरे परिवार के साथ फेस्टिवल देखने ही नहीं मनाने भी आउंगी। यह काफी उत्साह वाले हैं। मोशिना ने दशहरा कमेटी के पदाधिकारियों व लोगों से भी बातचीत की। मोशिना ने दशहरा के आयोजन और इसकी परंपराओं की बारीकी को जाना।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने यहां पर जन्म लिया है और सीता की खातिर समुंद्र पार कर रावण के साथ युद्ध किया। मोशिना ने गाइड के माध्यम से इतना ही कहा कि समाज को ऐसे चरित्र को धारण करना चाहिए।