सरकार के फैसले का बुधवार को बाजार, पेेट्रोल पंपों, डाहर टोल प्लाजा और आम लेन देन पर जबरदस्त प्रभाव दिखाई दिया। सरकार के एक हजार और 500 के नोट तुरंत बंद करने से लोगों में खलबली मच गई।
बाजार में दुकानदारों ने ग्राहकों से 500 और एक हजार रुपये के नोट लेने से मना कर दिया। इस वजह से बड़ी संख्या में ग्राहक खाली हाथ लौटे। हालांकि, बहुत से स्थानों पर दुकानदारों ने अपने पहचान के ग्राहकों को सामान उधार देने का सिलसिला जारी रखा।
छोटे नोटों की किल्लत के चलते ग्राहकों और दुकानदारों को परेशानी हुई। व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी सुरेश पाल पुलिस टीम के साथ डाहर टोल प्लाजा, पेट्रोल पंपों और बाजार में गश्त करते रहे।
डाहर टोल पर स्वीकारे बड़े नोट
पानीपत-रोहतक हाईवे स्थित डाहर टोल प्लाजा पर बुधबार को कर्मियों ने बड़े नोट लेने से इनकार किया, तो हंगामा हो गया। हाईवे अथॉरिटी के बड़े नोट स्वीकार कर लेने की हिदायत के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद टोल पर छोटे नोटों की किल्लत हो गई। इस वजह से वाहन चालक परेशान होते रहे।
टोल अधिकारी बोले 11 तक नोट मान्य
डाहर टोल प्लाजा के इंचार्ज दिनेश छौक्कर ने बताया कि हाईवे अथॉर्टी के उच्च अधिकारियों का लेटर आ चुका है। इसके अनुसार 500 और एक हजार रुपये के नोट 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक स्वीकार किए जाएंगे।
नोट लेेंगे, लेकिन तेल 500 या एक हजार का लो
सरकार के आदेश हैं कि पेट्रोल पंप 11 नवंबर तक 500 और एक हजार के नोट ले सकते हैं। इसके बाद सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर छोटे नोटों की किल्लत हो गई। पंप संचालकों ने बताया कि 500 और एक हजार के नोट लेने से इनकार नहीं है, लेकिन उपभोक्ता को उतने ही पैसों का तेल डलवाना होगा।