सीटू से जुड़ी इंडस्ट्रियल वर्कर्स यूनियन, पानीपत के बैनर तले स्पिनिंग मिल मजदूरों ने प्रदर्शन कर फैक्टरी संचालकों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया।
उन्होंने फैक्टरियों के रजिस्ट्रेशन की जांच करने की मांग की। यूनियन के अनुसार शहर में 12 हजार फैक्टरियों में से मात्र 19 सौ फैक्टरियाें का ही रजिस्ट्रेशन हैं।
हॉली पार्क में स्पिनिंग मिल मजदूरों के प्रदर्शन के 15वें दिन रविवार को सीटू राज्य प्रधान कामरेड सतबीर सिंह समस्याएं सुनने पहुंचे। प्रदर्शन में पहुंचे मजदूरों ने सरकार, श्रम विभाग और फैक्टरी संचालकों के भ्रष्ट गठबंधन के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की मांग की।
राज्य प्रधान सतबीर सिंह ने कहा कि मजदूरों के सामने खोने के लिए गुलामी व शोषण की बेड़ियां और पाने के लिए पूरी दुनिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तानाशाही का आरोप लगाते कहा कि वे झूठे ही राज्य को नंबर वन का दावा करते हैं।
दिल्ली में मजदूरों का न्यूनतम वेतन 85 सौ रुपये, पंजाब में 75 सौ रुपये और हरियाणा में 54 सौ रुपये है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा में मजदूरों का न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये किया जाए।
सीटू जिला प्रधान सुनील दत्त ने कहा कि पानीपत मेें करीब 12 हजार फैक्टरियां हैं। इनमें से मात्र 19 फैक्टरियों के पास ही रजिस्ट्रेशन हैं। बाकी फैक्टरियां गैर कानूनी ढंग से सरकार को टैक्स का चूना लगा रही हैं।
उन्होेंने कहा कि शहर और आसपास की फैक्टरियों में करीब तीन लाख मजदूर काम करते हैं, इनमें से भी 38 हजार मजदूर ही फैक्टरियों के रिकार्ड में हैं। बाकी बचे मजदूरों का फैक्टरी संचालक ईएसआई और ईपीएफ तक डकार रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पानीपत मेें फैक्टरियों व श्रम विभाग का जंगलराज चल रहा है। ऐसे जंगलराज राज में मजदूरों को संघर्ष कर ही जीवन यापन करना होगा। इस अवसर पर सुरेंद्र नरवाल, गुलाम सिंह, त्रिलोकी नाथ, दयाशंकर, राम उमेद, सुनील संन्यासी, महेश शर्मा और रणबीर मलिक मौजूद रहे।