डिलीवरी के तुरंत बाद पांच महिलाओं की मौत के मामले में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के डेंटल डायरेक्टर और प्लानिंग ने छह घंटे डॉक्टरों और परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। मृतक महिलाओं के परिजनों ने प्रसूति वार्ड में जच्चाओं की देखभाल में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए और मौत के लिए डॉक्टरों को दोषी ठहराते हुए न्याय की मांग की। डायरेक्टर ने सीएमओ को भी सामने बैठाया और पीड़ितों को मामलों में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
स्थानीय अधिकारियों ने अशोक विहार कॉलोनी और विद्यानंद कॉलोनी की पांच महिलाओं की डिलीवरी के तुरंत बाद मौत के जिस मामले को अनसुना कर दिया, उसी मामले पर निदेशालय ने जांच बैठा दी। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के डेंटल डायरेक्टर एवं प्लानिंग डा. प्रवीण सेठी सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर मामले की जांच को पहुंचे। डा. सेठी ने आरोपी डॉक्टरों और मृतक महिलाओं के परिजनों के बयान दर्ज किए। अशोक विहार कॉलोनी के लोगों ने सिविल अस्पताल की डा. लिपिका, डा. शशि लता, सेक्टर-25 स्थित सीएचसी की डा. अपूर्वा और सनौली रोड स्थित अपेक्स अस्पताल की डा. मनीषा समेत अन्य स्टाफ नर्सों को मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया। परिजनों ने डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिलीवरी के तुरंत बाद जच्चा को रेफर कर दिया गया। इससे रास्ते में ही महिलाओं ने दम तोड़ दिया। तीन महीने में अशोक विहार कॉलोनी की चार और विद्यानंद कॉलोनी की एक महिला की डिलीवरी के दौरान अत्यधिक खून बहने के कारण मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत पर जागे
अशोक विहार कॉलोनी व विद्यानंद कॉलोनी में डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत का अमर उजाला माई सिटी ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। अशोक विहार कॉलोनी के लोग कुछ दिन पहले अंबाला में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निवास पर पहुंचे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच के लिए निदेशालय को निर्देश दिए थे। उसके बाद ही डायरेक्टर डेंटल एवं प्लानिंग डा. प्रवीण सेठी जांच के लिए पहुंचे। छह घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान डॉक्टरों के पसीने छूटे रहे। लोगों ने इससे पहले उप सिविल सर्जन को भी शिकायत की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पहले बोले पत्नी ठीक है, फिर कहा-आईएम सॉरी
अशोक विहार कॉलोनी निवासी कुलदीप ने बताया कि 14 जुलाई को वह पत्नी सोनिया को डिलीवरी के लिए सेक्टर-25 स्थित पीएचसी 12 बजे पहुंचा था। पहले उसके दो बच्चियां है। उस वक्त डॉक्टर मौजूद नहीं थी। पता किया तो ड्यूटी डा. अपूर्वा की थी। उसकी पत्नी डेढ़ बजे तक दर्द से कराहती रही। स्टाफ नर्स डॉक्टर से फोन पर ही दिशा-निर्देश लेती रही। ढाई बजे उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। डा. अपूर्वा बोली कि सोनिया की हालत सामान्य है। कुछ देर बाद डॉक्टर बोलीं, आईएम सॉरी सोनिया की हालत गंभीर है। इसे कहीं और ले जाओ। कुलदीप वर्मा का आरोप है कि सेक्टर-25 स्थित सीएचसी से वह पत्नी सोनिया को लेकर अपेक्स अस्पताल पहुंचा। वहां पहुंचते ही उससे 50 हजार रुपये जमा कराने और जल्द 18 यूनिट खून का इंतजाम करने को कहा। पहले डॉक्टर कहती रही कि सोनिया ठीक है। फिर बोली जल्द खानपुर ले जाओ। सोनिया ने खानपुर जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
रिपोर्ट में 10 ग्राम, डॉक्टर बोली 6 ग्राम खून
अशोक विहार कॉलोनी की पूजा की 21 अगस्त को सिविल अस्पताल में मौत हो गई थी। पति योगेंद्र ने बताया कि सिविल अस्पताल पहुंचने के एक घंटे के बाद पूजा ने बच्ची को जन्म दिया था। तभी पूजा की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टर बोली कि पूजा में मात्र छह ग्राम खून है, जबकि रिपोर्ट में पूजा में 10 ग्राम खून की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों ने पूजा के इलाज में लापरवाही बरती और हालत बिगड़ने पर उसे खानपुर रेफर कर दिया। पूजा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
खानपुर से भेजा वापस, हुई मौत
13 अगस्त को अशोक विहार कॉलोनी की ललिता की सिविल अस्पताल में मौत हुई थी। पति सोनू ने बताया कि 13 अगस्त को सुबह 11 बजे पत्नी ललिता को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल लेकर आया था। 12 बजे ललिता ने लड़के को जन्म दिया। इस दौरान उसे रक्त रिसाव होता रहा लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो डॉक्टरों ने दोपहर डेढ़ बजे ललिता को खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया। वह पीजीआई खानपुर पहुंचा तो उसे वापस भेज दिया। वापस सिविल अस्पताल पहुंचा तो फिर से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इस दौरान ललिता की मौत हो गई।
हालत बिगड़ी लेकिन ध्यान नहीं दिया
मृतका राधा के पति रामनिवास ने बताया कि 5 सितंबर को पत्नी राधा को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल लाया था। डिलीवरी के समय ही राधा की तबीयत बिगड़ गई थी। उसने बच्ची को जन्म दिया। अत्यधिक रक्त रिसाव होने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। डॉक्टरों ने पर्ची पर रेफर टू खानपुर लिख दिया। राधा ने खानपुर जाते समय दम तोड़ दिया। वहीं सुनीता की भी 15 सितंबर को सिविल अस्पताल से खानपुर ले जाते समय मौत हो गई थी।
डॉक्टर बोले, सभी आरोप निराधार
डा. अपूर्वा ने कहा कि उन पर लगाए गए सब आरोप निराधार हैं। सीएचसी में दो बजे महिला को डिलीवरी के लिए लाया गया था। उन्होंने महिला का पूरा इलाज किया। परिजनों ने ही महिला को जबरदस्ती रेफर कराया। वहीं डा. मनीषा, डा. शशि लता और डा. लिपिका ने भी सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर मामले की जांच की गई है। सिविल अस्पताल में पीड़ितों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज में अनदेखी के कारण उनकी पत्नियों की मौत हो गई। सभी डॉक्टरों से भी गहनता से पूछताछ की है। पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रवीण सेठी, डेंटल डायरेक्टर एवं प्लानिंग, पंचकुला।