हेड कांस्टेबल आशीष कुमार सिंघम।
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हेड कांस्टेबल आशीष उर्फ सिंघम को पानीपत सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। उनके समर्थक दोबारा एकजुट होने शुरू हो गए। जेल से निकलने के बाद समर्थक उनका फूल-माला डालकर स्वागत करेंगे। आशीष अपने सोशल मीडिया पेज पर अपने ही विभाग के खिलाफ बयानबाजी करता रहता है। पुलिस ने भी कोर्ट में यही दलील रखी थी कि आशीष बाहर आया तो उनकी जांच बाधित होगी, सीजेएम की कोर्ट ने इस दलील पर पहले जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन अब याचिका सेशन कोर्ट में लगाई गई थी, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।
टीडीआई के पास वाहन चेकिंग कर रहे एएसआई मनोज त्यागी से मारपीट करने, कानूनी कार्रवाई बाधा डालने समेत विभिन्न आरोप में हेड कांस्टेबल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जबकि हेड कांस्टेबल ने मुकेश पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। किसी को रिपोर्ट दर्ज की भनक न लगे, इसलिए पुलिस ने मामले को ऑनलाइन नहीं किया था, लेकिन आशीष ने अपने लेवल पर रिपोर्ट निकलवाई और उसने 9 फरवरी को दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय में गिरफ्तारी देने की सूचना अपने फेसबुक पेज पर दी थी, लेकिन पुलिस ने 10 बजे ही उसके पुलिस लाइन में क्वार्टर से उसे अर्ध नग्न अवस्था में ही गिरफ्तार कर लिया था। इसकी वीडियो भी आशीष ने अपने फेसबुक पेज पर डाली थी, जिसको देख समर्थक की भीड़ थाने के बाहर पहुंची और जमकर हंगामा किया। पानीपत में नवीन जयहिंद तक पहुंचे थे। पुलिस ने नौ फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया और दो दिन का रिमांड मांगा, लेकिन सीजेएम की कोर्ट ने खारिज कर आशीष को जेल भेज दिया था।
पहली जमानत याचिका को कर दिया था खारिज
हेड कांस्टेबल आशीष कुमार के वकील दीपक मुदगिल ने बताया कि आशीष को जेल भेजने के बाद उन्होंने नौ फरवरी को ही जमानत याचिका न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत में लगा दी थी, जिस पर 10 फरवरी को सुनवाई हुई। पुलिस की तरफ से वकील विभिन्न दलील रखी गई,जबकि उन्होंने भी अपनी दलील रखी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अब उन्होंने दोबारा सेशन जज की कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस याचिका पर सेशन कोर्ट ने आशीष को जमानत दे दी।