फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हौसलों, उम्मीद व मंजिल का 2017

Sat, 31 Dec 2016 11:41 PM IST
amar ujala beuro panipat
विज्ञापन
c - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
हौसलों, उम्मीद व मंजिल का 2017। इन तीनों को पाने के लिए मैं या आप अकेले नहीं, बल्कि हम सब मिलकर पा सकते हैं। हम खुद को कुछ कह सकते हैं और खुद पर फक्र महसूस कर सकते हैं। हमें आसमां छूने के लिए पिछले साल की बुरी घटनाओं व बातों को मन से निकालकर नए दिन की शुरुआत नई सोच के साथ करनी होगी। सरकारी व सरकार को भी मिलकर काम करना होगा। लोगों को न्याय और विकास के अपने वायदे पर खरा उतरना होगा।
विज्ञापन

31 दिसंबर को घड़ी की तीनों सुंइयों के 12 पर पहुंचते ही घड़ी, दिन व तारीख ही नहीं साल भी बदल गया। सुबह नई सूरज की पहली किरण के साथ लोगों के जीवन में नया उजाला बनकर आई।

दो सौ बैड का अस्पताल इसी साल
जिलेवासियों को इस साल सरकारी इलाज को लेकर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लोगों को सिविल अस्पताल में बनने वाले दो सौ बेड के बहुमंजिला अस्पताल व ट्रामा सेंटर की सौगात मिल जाएगी। करीब 25 करोड़ की लागत बनने वाले अस्पताल की आधारशिाला दो फरवरी 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। इसमें छह लिफ्ट व 240 शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा मरीजों के इलाज की हर संभव आधुनिक मशीन अस्पताल में मंगवाई जाएगी। इसको फरवरी माह या फिर साल के पहले क्वार्टर में बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
विज्ञापन


बाहरी कॉलोनियों को दावे नहीं विकास चाहिए
नगर निगम के अंतर्गत करीब 79 बाहरी कॉलोनी हैं। इन कॉलोनियों के वाशिंदे लंबे समय से विकास की उम्मीद से सरकार व प्रशासन की तरफ देख रहे हैं। लोगों को विकास के नाम पर केवल दावे मिल रहे हैं। हालांकि नगर निगम कॉलोनियों को वैध करने की दिशा में काम आगे बढ़ाने की बात कहता है, लेकिन निगम का मसौदा भी कागजी कार्रवाई तक सिमटा हुआ है। ग्रामीण विधायक सरकार के सामने कॉलोनियों की बात रख रहे हैं, लेकिन अपेक्षाकृत विकास नहीं हो पाया है। नए साल में कॉलोनी के लोग अपने-अपने क्षेत्र में बिजली, पानी व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद देख रहे हैं।

मुकाम पाने के लिए खुद को भी बदलना होगा
शहर में इस समय सबसे बड़ी समस्या गंदगी व ट्रैफिक जाम की है। प्रशासन व पुलिस इसको लेकर प्रयासरत है, लेकिन अकेला प्रशासन व पुलिस इसको लेकर कुछ नहीं कर सकती। इसको लेकर हम सबको साथ खड़ा होना होगा और खुद को बदलना भी होगा। लोगों को ट्रैफिक के नियमों की पालना के साथ जागृति के लिए भी आगे आना होगा। स्वच्छता की शुरुआत खुद या अपने घर से ही करनी होगी। प्रत्येक व्यक्ति इन दोनों को खुद पर लागू करेगा तो उसको ही नहीं किसी को भी समस्या से ट्रैफिक जाम व गंदगी से रूबरू नहीं होना पड़ेगा।


पेयजल व पानी निकासी की बड़ी समस्या
शहर के सामने पेयजल व पानी निकासी की समस्या है और इस साल में इन दोनों समस्याओं से निजात पाने की बहुत जरूरत है। इस साल जिले वासियों को रैनीवेल प्रोजेक्ट की मंजूरी की उम्मीद है। कई सौ करोड़ रुपये की बहुआयामी योजना की फाइल अधिकारियों की टेबलों के चक्कर काट रही है। दूसरा पानी निकासी की बड़ी समस्या है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा पिछले सप्ताह ही बैठक में पानीपत के ड्रेनेज के लिए 56.85 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में अमृत योजना के पहले चरण में मोटी राशि मंजूर हुई है। इसके लगने से शहर को कुछ हद तक ड्रेनेज की समस्या से निजात मिलेगी।

खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल दिखने लगेगा
खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल नए साल में ही बनता हुआ दिखाई देगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत दिनों समालखा के हथवाला गांव में इसकी आधारशिला रख दी है। करीब 13319.56 करोड़ से बनने वाले हाई लेवल ब्रिज के बनने बाद हरियाणा व यूपी के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और दोनों प्रदेशों के करीब 70 गांव सीधा जुड़ जाएंगे। इन गांवों के किसानों को खेती करने में भी आसानी होगी। हरियाणा ही नहीं यूपी के किसानों व व्यापारियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।


मेयर की कुर्सी को लेकर सालभर चली खींचतान
नगर निगम के मेयर कुर्सी को लेकर सालभर खींचतान चलती रही। ऐसे में शहर की सरकार में विकास की चर्चा को लेकर बैठक हुई और न ही किसी तरह का विकास हो सका है। पार्षद बहुमत में इकट्ठा होकर मंडलायुक्त तक पहुंच गए। मेयर सुरेश वर्मा का नाम पानीपत ग्रामीण विकास मंच के अध्यक्ष सतपाल राणा पर जानलेवा हमले में आने के बाद एक बार तो उनको भी कुर्सी जाने का डर सताने लगा। इसी बीच मेयर सुरेश वर्मा ने मंडलायुक्त के सामने पेश होकर अपना बहुमत साबित कर दिया। वहीं शहर का विकास केवल गलियों, सड़कों व पार्कों के शिलान्यास और उद्घाटन तक सिमटा रहा।

--सरकारी से लेकर सरकार तक का वायदा--

मैं हलके व जिलावासियों को नए साल के लिए शुभकामनाएं देता हूं और इस साल में जिले को विकास की नई राह पर ले जाने का प्रयास करुंगा। जिलेवासियों के सामूहिक कार्यों को किसी भी स्तर पर रुकने नहीं दूंगा।
कृष्णलाल पंवार, परिवहन एवं आवास मंत्री।

मैं हलके के विकास को लेकर पहले दिन से प्रयासरत हूं और हलके वासियों को किए गए वायदों को पूरा करने के लिए अगले साल भी प्रयासरत रहूंगा। मैं बाहरी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का प्रस्ताव पास कराने में कामयाब हो गया हूं। इस साल में विकास की तस्वीर भी बनान रहुंगा।
महिपाल ढांडा, विधायक, पानीपत ग्रामीण।

मैं शहरवासियों को नए साल की शुभकामनाएं देती हूं और उनको शहर का एक समान विकास कराने का वचन भी देती हूं। मैं इस साल में शहर को विकास की नई तस्वीर पेश करुंगी।
रोहिता रेवड़ी, विधायक, पानीपत शहरी।


हलके वासी कड़वी बातों को भूलाकर नए साल में मिल जुलकर काम करें। मैं हलके के विकास को लेकर पहले दिन से ही प्रयासरत हूं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल सबको साथ लेकर काम करने में विश्वास रखते हैं। समालखा हलके के लोगों को विकास में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होने दूंगा।
रविंद्र मच्छरौली, विधायक, समालखा।


मैंने अभी हाल ही में पानीपत का चार्ज लिया है और मैं इस साल में जिले वासियों को साथ लेकर कानून व व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करुंगा। जिले वासियों को कानून व व्यवस्था को लेकर किसी तरह की शिकायत का मौका नहीं दूंगा।
राहुल शर्मा, एसपी पानीपत।


मैं नए साल को लेकर जिलेवासियों को विकास, सफलता व उन्नति की शुभकामनाएं देता हूं और नव वर्ष में भी सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू कराऊंगा। मैं जिले वासियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दूंगा।
विज्ञापन

डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें