पानीपत। अमेरिका की ओर से चीन को छोड़कर शेष विश्व के साथ बढ़ाए गए टैरिफ को 90 दिन के लिए स्थगित किए जाने के बाद पानीपत के कारोबारी उत्साहित हैं। उन्होंने इस अवधि में अधिकांश ऑर्डर पूरे करने की तैयारी शुरू कर दी है। मालूम हो कि चीन के अलावा भारत समेत अन्य देशों पर लगाए गए 26 फीसदी टैरिफ को फिलहाल टाल दिया है। इसका तात्पर्य यह हुआ कि स्थानीय निर्यातक 10 प्रतिशत की दर से ही वर्तमान में निर्यात करेंगे।
चीन पर 134 फीसदी टैरिफ तत्काल प्रभाव से लगाए जाने के बाद पानीपत के टेक्साटाइल निर्यातक चीन की जगह की भरपाई करने की भी तैयारी कर रहे हैं। निर्यातकों ने इस समय अपने पिछले करोड़ों रुपये के ऑर्डर को पूरा करना शुरू कर दिया है। बता दें कि पानीपत से हर साल 15 से 18 हजार करोड़ का निर्यात होता है। इसमें 50 फीसदी खपत सिर्फ अमेरिका में है। टैरिफ वार के चलते पानीपत के निर्यातकों को पिछले ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो गया था। बायर ने भी अपना कमीशन बढ़ा दिया था। कुछ निर्यातकों के साथ इसके चलते तकरार भी हो गई थी। ऐसे में अमेरिका के करीब 2500 करोड़ के ऑर्डर पर संकट के बादल छा गए थे। अमेरिका से 90 दिन की छूट देने के बाद निर्यातकों ने ऑर्डर पूरा करना शुरू कर दिया है। एक्सपोर्ट हाउस में शुक्रवार को एक साथ काम में तेजी आ गई।
व्यापार बढ़ने की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत का मुकाबला चीन से है। अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वार चल रहा है। ऐसे में पानीपत के टेक्सटाइल निर्यातकों की उम्मीद तेज हो गई हैं। उद्यमियों को दो हजार करोड़ के नए ऑर्डर मिल सकते हैं। वे इन 90 दिन में पूरा करने को तैयार हैं।
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कोट्स फोटो
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत अपने उत्पादों के साथ सभ्यता और संस्कृति के चलते भी मजबूत है। ट्रेड वार के बीच पानीपत ही नहीं पूरे देश को मजबूती मिलेगी। उद्यमी अपने ऑर्डर पूरे करने में लगे हैं।
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इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि निर्यातकों के लिए ऑर्डर पूरे करने के लिए तीन महीने का समय बहुत है। केंद्र सरकार तब तक कुछ रास्ता निकालेगी। चीन का टैरिफ बढ़ाने से पानीपत व देश के उत्पादों की मांग अमेरिका में बढ़ेगी। इससे व्यापार भी मजबूत होगा।
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टैरिफ इजिप्ट और तुर्किये के स्तर पर
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि निर्यातकों को लंबे समय से टैरिफ के चलते चिंता थी। निर्यातक 90 दिन में अपने पुराने ऑर्डर पूरा कर सकेंगे। प्रतिष्ठानों में माल बनकर तैयार था। अब टेक्सटाइल पर 10 प्रतिशत टैरिफ रह गया। इजिप्ट और तुर्किये के बराबर टैरिफ पर आ गए हैं।