दो अक्तूबर 2022 की रात शराब के नशे में घर पहुंचे राजपाल का बेटे सुमित के साथ विवाद हो गया था। इसके बाद सुमित ने सब्जी काटने वाले चाकू से हमला कर दिया था जिसमें पिता की मौत हो गई थी।
पानीपत जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने वीरवार को पिता की हत्या के दोषी सुमित को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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सब्जी काटने वाले चाकू से की थी पिता की हत्या
दो अक्तूबर 2022 की रात शराब के नशे में घर पहुंचे राजपाल का बेटे सुमित के साथ विवाद हो गया था। इसके बाद सुमित ने सब्जी काटने वाले चाकू से हमला कर दिया था जिसमें पिता की मौत हो गई थी। न्यू विकास नगर निवासी राजपाल की हत्या के मामले में उसके भाई शिशुपाल ने तहसील कैंप थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने सुमित को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल चाकू और घटना के समय पहनी गई सुमित की बनियान बरामद कर ली गई थी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 14 गवाहों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट को साक्ष्य के रूप में पेश किया। सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुमित को दोषी माना। सोमवार को दोषी करार दिए जाने के बाद वीरवार को उसे सजा सुनाई गई है।
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राहत पाने के लिए सुमित ने दादी का लिया सहारा
सुमित की ओर से अदालत में सजा में रियायत की मांग की गई थी। उसके चाचा शिशुपाल ने बताया कि सुमित की मां उसे बचपन में छोड़कर चली गई थी। इसके बाद वो पिता और दादी फूलवती के साथ रहने लगा। पिता की हत्या के बाद 80 वर्षीय दादी ही उसकी पैरवी कर रही थी।