पानीपत। प्रशासन की ओर से बदमाश मनोज बाबा की संपत्तियां समझकर सवा एकड़ में बनीं चार फैक्टरी और गोदाम ध्वस्त करने पर रविवार को गांव उग्राखेड़ी में महापंचायत हुई। इसमें 16 गांवों और कॉलोनियों के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। सभी ने प्रशासन की कार्रवाई पर रोष जताया और तीन संत्तियों पर मिले नोटिस को रुकवाने और दोबारा इस तरह कार्रवाई न करने पर चर्चा की।
महापंचायत को पांच गांवों के प्रधान और पूर्व सरपंच उग्राखेड़ी राजकुमार की अगुवाई में शुरू किया गया। पंचायत में पहुंचे लोगों ने कहा कि मनोज बाबा के नाम पर जो कार्रवाई की गई है, उससे उसका लेनादेना ही नहीं है। यह संपत्ति मनोज के भाई जगपाल और दिलबाग की है। पंचायत ने कहा कि अगर इन दोनों भाइयों की संपत्ति पर प्रशासन को कार्रवाई करनी थी तो पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। अचानक कार्रवाई से दोनों भाइयों का रोजगार ठप हो गया है। बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दूहन ने कमेटी गठित कर एसपी और सांसद से मिलने की बात कही, ताकि आगामी तीन प्रॉपर्टी पर मिले नोटिस को रुकवाया जा सके। दो घंटे चली पंचायत में सभी के सुझाव लेने के बाद पंचायत ने 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
पूर्व सरपंच बिंटू मलिक ने बताया कि एक कमेटी प्रधान राजकुमार के साथ बापौली कार्यक्रम को संबोधित कर रहे सांसद संजय भाटिया से मिले और पूरे मामले को उनके सामने रखा। सांसद ने उनके सामने एसपी को फोन किया और दस्तावेजों को देखने के बाद कार्रवाई करने की बात कही। दूसरी तरफ बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दूहन और मनोज का भतीजा विकास एसपी शशांक कुमार सावन से उनके कैंप ऑफिस पर मिले। विकास मलिक ने संपत्ति के दस्तावेज दिखाए, जो कि उनके नाम थे, जिनमें मनोज की कोई हिस्सेदारी नहीं थी।
पंचायत में मनोज बाबा के भाई संजय बाबा ने कहा कि अगर यह निर्माण अवैध था तो प्रशासन की कार्रवाई का तरीका भी अवैध है। अचानक कारवाई करने आई टीम ने समय तक नहीं दिया। प्रशासन ने सब कुछ आंखों के सामने बिखेर दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे। तीन प्रॉपर्टी पर और नोटिस मिला, जिस संबंध में 28 सितंबर को अधिकारियों के सामने दस्तावेजों समेत पेश होंगे।
फैक्टरी और गोदाम तोड़कर रोजगार खत्म किया : बिंटू मलिक
गांव उग्राखेड़ी निवासी पूर्व सरपंच बिंटू मलिक ने कहा कि प्रशासन ने द्वेष की भावना से कार्रवाई की है, जिससे न केवल दिलबाग और जगपाल को नुकसान हुआ। सैकडों युवाओं को भी बेरोजगार कर दिया। प्रशासन कार्रवाई कर डराना चाहता है, लेकिन डरेंगे नहीं, पहले शांत रहकर अपना पक्ष रखेंगे, सुनवाई नहीं हुई पंचायत बुलाकर फिर से फैसला लेंगे।
प्रशासन की शह पर अवैध निर्माण होने का भी लगाया आरोप
सींक पाथरी से पहुंचे बुजुर्ग बलजीत सिंह ने कहा कि प्रशासन की शह पर अवैध निर्माण होता है।असंध रोड की जगह 84 फुट है, लेकिन अवैध निर्माण की वजह से महज 22 फुट ही सड़क की चौड़ाई बची है। प्रशासन उन पर कार्रवाई नहीं करता।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल-
- किसी अपराधी पर कार्रवाई थी तो उसके बड़े भाइयों की जमीन पर क्यों की गई
- अवैध निर्माण गिराने की बात थी तो साथ लगती अन्य फैक्टरियों पर क्यों नहीं की
- साल 2018 में दिए नोटिस के बाद कार्रवाई के लिए फिर से नोटिस क्यों नहीं दिया
- कार्रवाई से पहले फैक्टरी और गोदाम से माल क्यों निकालने नहीं दिया
इन गांवों से पहुंचे लोग-
महापंचायत में राजाखेड़ी, रिसालू, कुटानी, निंबरी, बबैल, सनौली, डिडवाडी, डाहर, बाल जाटान, बाबरपुर, दीवाना, सौदापुर, बलाना, महराणा, गोयला खेड़ा, इसराना समेत अलग अलग गांव से सैंकड़ों की संख्या में इकट्ठे होकर ग्रामीण उग्राखेड़ी पहुंचे।