खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल बनने के बाद दोनों प्रदेशों के बीच कृषि और व्यापार को आक्सीजन मिलेगी। अभी पुल न होने के कारण किसानों को यमुना के पानी से होकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है या फिर कई किलोमीटर सनौली और कैराना से घूमकर आना पड़ता है। इस पुल के बनने के बाद पानीपत-हरिद्वार पुल पर भी दबाव कम होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल 22 दिसंबर को खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल की आधारशिला छपरौली में रखेंगे। इसको लेकर यूपी और हरियाणा सरकार लंबे समय से प्रयासरत थे। पुल की आधारशिला रखे जाने की सूचना से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। अभी जिले व आसपास के क्षेत्र से यूपी की तरफ आने-जाने को पानीपत-शामली रोड पर सनौली के पास यमुना पुल है। इतने लंबे इलाके में एक ही पुल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों व व्यापारियों के सामने यह थी दिक्कत
हरियाणा के करीब 12 गांवों के किसानों की यूपी की तरफ करीब तीन हजार एकड़ जमीन है। वहीं यूपी के किसानों की भी हरियाणा की तरफ खेती है। किसानों को खेती करने के लिए यमुना पार आना-जाना पड़ता है। किसानों कोे यमुना में पानी आने के बाद अपने खेतों में जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। उनको नाव का सहारा लेकर यमुना पार करना पड़ता था। वहीं कुछ किसान जान जोखिम में डालकर यमुना पार करते थे। खोजकीपुर व हथवाला के किसानों को यमुना में पानी आने के बाद अपने खेतों में आने जाने को लेकर सनौली यमुना पुल से होकर जाना पड़ता था। उनको चार या पांच किलोमीटर का सफर करीब चालीस किलोमीटर दूर से आकर पूरा करना पड़ता है।
व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल बनने के बाद व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। पुल को सीधे एनएच-वन से कनेक्ट किया जाएगा। दिल्ली या चंडीगढ़ से यूपी की तरफ जाने वाले वाहन चालक यहां से आना-जाना शुरू हो जाएंगे। ऐसे में यहां पर पेट्रोल पंप, होटल, ढाबे या फिर रोजगार के दूसरे साधन स्थापित हो जाएंगे।
गांव आट्टा निवासी प्रताप ने बताया कि यमुना पर पुल बनने से किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। उनको अब खेती की देखभाल करने के लिए नाव या फिर यमुना के पानी से होकर नहीं जाना पड़ेगा। वे पुल से आसानी से अपने खेतों में जा सकेंगे।
हथवाला निवासी कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि खोजकीपुर-छपरौली यमुना पुल बनने के बाद हरियाणा और यूपी का व्यापार बढ़ेगा और इस मार्ग से आवागमन शुरू होने के बाद लोगों को रोजगार स्थापित करने का भी मौका मिलेगा और वे भी आगे बढ़ सकेंगे।
हरियाणा मेें भूमि पूजन, यूपी में जनसभा
भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने किया सभास्थल का दौरा
छपरौली (बागपत)। हरियाणा और यूपी को जोड़ने वाले यमुना पुल के भूमि पूजन की तिथि तय हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इसके लिए भूमि पूजन समालखा में करेंगे, जबकि जनसभा छपरौली में होगी। सांसद सत्यपाल सिंह ने सभास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को तैयारियां करने के लिए को कहा।
छपरौली में यमुना पुल का मुद्दा पुराना है। सांसद सत्यपाल सिंह ने बताया जून 2014 में इसके लिए हरियाणा और यूपी सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। यूपी सरकार इसके लिए 72.48 करोड़ रुपये देगी, जबकि एनसीआर बोर्ड भी 43 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यूपी सरकार पुल निर्माण में 31.51 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि इतनी ही धनराशि हरियाणा सरकार खर्च करेगी। बाकी की धनराशि को पुल तक पहुंचने वाली सड़क के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। हरियाणा की तरफ बनने वाली सड़क का खर्च हरियाणा सरकार उठाएगी। 22 दिसंबर को पानीपत के समालखा में भूमि भूजन होगा। इसके बाद छपरौली में जनसभा होगी। कार्यक्रम की तैयारी के लिए सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, छपरौली चेयरमैन संजीव खोखर, जिलाध्यक्ष संजय खोखर, सतेंद्र तुगाना ने सभास्थल का दौरा किया। ज्ञानसिंह स्टेडियम को हरियाणा के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए चयनित किया। इस दौरान अलका तोमर, नंद किशोर गुर्जर, धर्मेंद्र प्रधान आदि मौजूद रहे।
इन रास्तों को जोड़ेगा पुल
पुल का निर्माण हो जाने से समालखा और छपरौली के बीच की दूरी करीब 20 किमी ही रह जाएगी। यूपी में यह छपरौली-बड़ौत मार्ग, जबकि हरियाणा में हथवाला-समालखा मार्ग को जोड़ेगी।