बैंकों और एटीएम पर मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही। नोटबंदी के फैसले के 20वें दिन और दो दिन बाद बैंक खुलने पर दोनों जगह लोगों की लंबी लाइन लगी रही। बैंकों और एटीएम में कैश न होने से अधिकारियों के साथ लोग भी परेशान हुए। एसबीआई के 36 एटीएम में ही पैसे मिल पाए।
लोगों में बैंकों की अनदेखी से भी रोष बढ़ रहा है। बैंक अधिकारियों ने मंगलवार तक कैश आने की संभावना जताई है। माह के आखिरी शनिवार और फिर रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को तीसरे दिन बैंक खुले। बैंकों और एटीएम के बाहर सुबह ही लोगों की लाइन लग गई। शहर के कई बैंकों में कैश नहीं मिला।
बैंक अधिकारियों के कैश न होने की बात कही, तो लोग एटीएम तलाशने लगे। जिले के बाकी बैंकों में भी कुछ ही घंटों में बचा हुआ कैश भी खत्म हो गया। दोपहर तक बैंकों की लाइन कम हो गई। एटीएम के बाहर लंबी लाइन लग गई। लोगों को यहां पर भी घंटों लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं मिला। बहुत से लोगों को देर शाम को खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
नए फैसलों ने पैदा दिक्कत
नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से आ रहे नए फैसलों से लोगों की परेशान बढ़ गई है। नोटबंदी के बाद सरकार ने पहले चार हजार रुपये से बढ़ाकर साढे़ चार हजार रुपये एक्सचेंज लिमिट की थी। दूसरे ही दिन सरकार ने अपने इस फैसले को वापस लेते हुए साढे़ चार हजार से घटाकर दो हजार रुपये एक्सचेंज लिमिट कर दी।
यह आदेश कुछ दिन लागू रहा। इसके बाद सरकार ने एक्सचेंज पूरी तरह से बंद कर दिया। यहीं नहीं, एक हजार के नोट पर भी बाहर किसी भी जगह चलने पर रोक लगा दी। निर्देश दिया कि यह सिर्फ बैंकों में ही जमा हो सकते हैं। सरकार के इस फैसले से बैंक कर्मचारियों को तो राहत मिल गई, लेकिन लोगों को परेशानी बढ़ गई है।
सुबह लाइन में लग जाते हैं लोग
बैंकों में पैसे जमा कराने को लेकर भी लोग परेशान हैं। एक हजार के नोटों पर बाहर न चलाने पर सरकार ने रोक लगाई है, तब से बैंकों में एक्सचेंज की लाइन बंद हो गई है। इसकी जगह जमा कराने वालों की लाइन बढ़ती जा रही है। लोग पहले आरोप लगाते थे कि कई लोग बिना लाइन में लगे ही पैसे एक्सचेंज करा कर ले जाते हैं।
अब लोग आरोप लगा रहे हैं कि बिना लाइन में लगे हुए ही कई लोग पैसे जमा करा रहे है। इसमें बैंक कर्मचारी उनका साथ दे रहे हैं।
यूको बैंक में आए एक करोड़ रुपये
जीटी रोड स्थित यूको बैंक में सोमवार दोपहर बाद करीब दो बजे एक करोड़ रुपये आए। बैंक खुलते ही बैंक अधिकारियों ने गेट पर कैश न होने की सूचना चस्पा कर दी। जैसे ही दो बजे के करीब बैंक में कैश आया, तुरंत ही लोगों की भीड़ बैंक पहुंच गई। जब बैंक के मुख्य प्रबंधक महेश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि सुबह से बैंक में कैश नहीं था। दो बजे बैंक ने बाहर से कैश की व्यवस्था की है। वह भी पर्याप्त नहीं है। उनकी जिले में 13 शाखाएं है। उन सबको इसी एक करोड़ में रुपयों में से देना है।
बैंकों में कैश जमा कराने का काम चला है। कई बैंकों के एटीएम भी चले हैं। कैश पर्याप्त मात्रा में न मिल पाने पर कुछ दिक्कत आ रही है। जिले में जल्द ही पर्याप्त कैश पहुंच जाएगा। इसके बाद लोगों की कोई शिकायत नहीं रहेगी।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।