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िजजिले के बैंकों मे 52 िददिनों में 5250 करोड़ जमा

Sat, 31 Dec 2016 12:04 AM IST
amar ujala beuro panipat
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x - फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के आखिरी दिन 500 व 1000 के नोट बैंकों में जमा कराने वालों के लिए आखिरी दिन रहा। इन 52 दिनों में जिले के बैंकों में करीब 5250 करोड़ रुपये जमा हुए और करीब सात सौ करोड़ रुपये की निकासी व एक्सचेंज हुए। इसके बाद अब पांच सौ व एक हजार के नोट नहीं चलेंगे। जिले के कई बैंकों में अधिकारियों ने अंतिम दिन कैश न लेने में अपनी मनमानी चलाई। जिसके बाद कई उपभोक्ताओं ने लीड बैंक के मैनेजर को फोन पर इसकी जानकारी दी। जिसके बाद बैंक अधिकारियों ने उपभोक्ताओं का कैश जमा किया।
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नोटबंदी की समय सीमा और नोट जमा कराने के आखिरी दिन लोग 500 व 1000 का पुराने कैश को जमा कराने को लेकर शुक्रवार को इतने लोग नहीं पहुंचे, लेकिन जो भी पहुंचे, वे मोटी रकम के साथ बैंकों में पहुंचे। दोपहर को ही भीड़ खत्म हो गई। कई उपभोक्ताओं ने बैंक अधिकारियों पर कैश न जमा करने का अरोप लगाया। जिस कारण अधिकतर उपभोक्ता कैश जमा कराने के लिए परेशान रहे। दूसरी और अंतिम दिन बैंकों में दूसरी बड़ी लाइन पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की लगी रही। अधिकतर बुजुर्गों ने अपनी दो माह की पेंशन बैंकों से ली। शुक्रवार बैंक खुलते ही लोग कैश जमा कराने और बुजुर्ग लोग अपनी पेंशन लेने के लिए लाइनों में खड़े रहे। जीटी रोड स्थित एसबीआई बैंक की मेन ब्रांच में भीड़ रही। लेकिन बैंक में कैश लेने व कैश जमा करने के लिए छह काउंटर बनाए गए। जिसके चलते दोपहर बाद करीब चार बजे तक अधिकतर उपभोक्ताओं के कैश का लेन-देन पूरा दिया गया।

प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को किए थे 500 व 1000 के नोट बंद
प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को करीब नौ बजे 500 व 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की। घोषणा सुनते ही जिन लोगों के पास कैश नहीं था और उन लोगों ने जो देश के साथ थे उन्होंने इस घोषणा का विरोध नहीं किया। लेकिन जिन लोगों के पास बेईमानी से कमाया हुआ कालाधन था, वे सभी लोग इस फैसले को गलत और इसके पक्ष में नहीं रहे। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से देश बदलने के लिए 50 दिन मांगे थे। जिसका 50वां दिन शुक्रवार 30 दिसंबर 2016 को रहा।
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बैंकों में आखिरी दिन पेमेंट जमा कराने के साथ लेने वालों की भी भीड़
जिले में 41 बैंक, 243 शाखाए और 211 एटीएम है। जिनमें से 168 शाखाओं में काम चला। कैश जमा कराने का शुक्रवार को अंतिम दिन रहा। बैंक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। चूंकि शुक्रवार के बाद कोई बैंक में पुराना नोट जमा नहीं कराने आएगा। बैंक अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने इस काम के लिए रात दिन एक किए है। कभी एक रात के एक बजे जाता तो कभी रात के दो बजे। लेकिन फिर भी जिले के उपभोक्ताओं ने बैंक अधिकारियों का साथ नहीं दिया।

जिले में कैश जमा कराने में कई बैंकों के अधिकारियों ने अपनी मनमानी की तो उपभोक्ताओं ने मेरे पास फोन किया तो मैने तुरंत बैंक में फोन किया तो उसके बाद उपभोक्ताओं का कैश जमा किया गया।
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राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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