पानीपत। आखिर वही हुआ, जिसका हर किसी को डर था। प्री मानसून की शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की चौदस को पहली बारिश में निगम के नाली व नालों से लेकर एलएंडटी के जीटी रोड की ड्रेन समेत दूसरे विभागों के पानी निकासी के दावे धरे के धरे रह गए। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश और चेतावनी भी कोई सहारा नहीं बन पाई। डीसी और विधायक दो दिन पहले जिन प्वाइंटों पर सवाल उठाए थे। उनमें सुधार नहीं किए गए गए। हालात यह रही कि जीटी रोड पर पांच से छह स्थानों पर भारी पानी जमा रहा। खादी आश्रम के सामने से निकल पाना भी मुश्किल हो गया। यही हाल सेक्टर व कॉलोनियों का रहा। दो घंटे में आई 40 एमएम बारिश में निगम व एलएंडटी के अलावा एचएसवीपी व पीडब्ल्यूडी की भी पोल खुल गई।
शहर में जीटी रोड से लेकर असंध रोड, बरसत रोड, गोहाना रोड, जाटल रोड, सनौली रोड तक जलमग्न हो गए। शहर के मुख्य बाजार इंसार में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। शटर बंद कर दुकानों में पानी घुसने से रोकना पड़ा। प्री मानसून की बारिश शुक्रवार सुबह करीब सवा दस बजे शुरू हुई। हल्की बूंदाबांदी आने से लोगों ने गर्मी से कुछ राहत महसूस की। इसके कुछ देर बाद बारिश तेज हो गई। यह दोपहर करीब सवा 12 बजे तक चली। इस दौरान शहर की सभी सड़कें, कॉलोनियां, बाजार पूरी तरह से जलमग्न हो गए। अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया।
बॉक्स फोटो 22 सिंगल
एलएंडटी जहां करा रहा था सफाई, वहां भरा दो फीट तक पानी
एलएंडटी एसडी कॉलेज के साथ कनेक्शन को बंद करने के बाद दोबारा खुलवाकर इसे मेन ड्रेन से जोड़ने का काम कर रहा था। वहीं, एसडी कॉलेज के विपरीत जीटी रोड पर चार जगह जाल हटवाकर ड्रेन की सफाई कराई जा रही थी। यह काम अभी पूरा नहीं हुआ था कि बरसात ने यहां दो फीट तक पानी भर दिया। जिससे एलएंडटी के अधिकारियों को भी अपनी गलती का अहसास हुआ और विधायक की फटकार और डीसी की चेतावनी भी याद आई। वहीं एलएंडटी एलिवेटेड हाईवे की ड्रेनेज पाइप की मरम्मत नहीं कर पाई। यह पाइप शहर के हिस्से में जगह-जगह टूटी मिली। इससे पानी नीचे जीटी रोड से जा रहे वाहनों व चालकों पर गिरता रहा।
बॉक्स फोटो 22 सिंगल
बस स्टैंड पर फंसी बस, खादी आश्रम के सामने कारें
बस स्टैंड पर एक प्राइवेट बस बरसाती पानी के नाले में फंस गई। ये बस सवारियों से भरी हुई थी। वहीं, खादी आश्रम के सामने जीटी रोड पर होने वाले जलभराव में हर साल की तरह कारें फंसी रही। जिनको लोगों ने धक्के मारकर और दूसरे वाहनों से टोचन कर बाहर निकाला। इसके अलावा यही हाल शहर में दो पहिया वाहन चालकों के साथ भी देखने को मिला।
निगम ने बनाया निकासी का ये प्लान: एसडीओ
शहर के बरसाती पानी की निकासी के मुख्य 50 झरने हैं। इनमें से 15 झरने जीटी रोड पर ही हैं। इन झरनों पर लगे जाल में कबाड़ और पाॅलिथीन फंसने से इनमें से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसलिए इनके जाल साफ करवाए जाएंगे। और जब भी बारिश आएगी तो निगम के सफाई कर्मचारी इन पर तैनात किए जाएंगे। जो हर आधे घंटे या एक घंटे में झरने के जाल को साफ करेंगे। ताकि इस जाल लगे झरने से बरसाती पानी तुंरत प्रभाव से झरने से होता है मुख्य नालों में जा सके।
अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।