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अब रेलवे स्टेशन पर सुंदरता के साथ मिलेंगे जागरूकता भरे संदेश

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पानीपत। रलवे स्टेशन पर पेंटिंग बनाता चित्रकार राजेश रंजन । - फोटो : panipat
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रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण का काम रविवार से पेंटिंग के जरिये शुरू हो गया है। यह जिम्मेदारी शहर की चार संस्थाओं ने ली है। इस पर लगने वाला खर्च स्वयं संस्थाएं वहन करेंगी। चित्र बनाने का जिम्मा शंकर आर्ट्स के राजेश रंजन को दिया गया है। इससे पहले भी उन्होंने पानीपत के सुंदरीकरण के लिए कई काम किए हैं।
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फ्लाईओवर के नीचे पिलर पर उन्होंने अपनी चित्रकला से लोगों को जागरूक करने का अनूठा प्रयास किया है। स्टेशन परिसर में सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर एक पर यह काम पूरा किया जाएगा, जिसमें करीब 25 दिन लगेंगे। इसके बाद दूसरे प्लेटफार्मों पर भी चित्रकारी की जाएगी। सुंदरीकरण का मेन थीम सेव वाटर और गो ग्रीन रहेगा। इसके तहत पानी बचाओ और पेड़ लगाओ को लेकर 25 चित्र बनाएं जाएंगे।
ये मिलेंगे संदेश : चित्रकार राजेश रंजन ने बताया कि उन्हें प्रशासन व संस्थाओं की वजह से पानीपत को साफ-सुथरा व इसका सुंदरीकरण करने का दूसरा मौका मिला है। वे प्लेटफार्म नंबर एक पर अपनी कला से सेव वाटर और गो ग्रीन थीम पर काम करेंगे। इसके तहत यहां करीबन 25 चित्र बनाएंगे। जिनमें मुख्य तौर पर सफाई रखने के संदेश के साथ पानी बचाओ और पेड़ लगाओ को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह ऐसी कला है जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। इसमें बच्चे बूढ़े या युवा वर्ग भी मोहित होकर इसकी तरफ खींचे चले आते हैं। चित्रकला के संदेश लोगों के दिलों दिमाग पर छा जाते हैं। इनसे मिलने वाले संदेशों को उनपर बिल्कुल साइंटिफिक तरीके जैसा असर होता है। उन्होंने बताया कि यहां पर बच्चों को रिझाने के लिए भी अलग प्रकार की चित्रकारी की जाएगी। जिससे बच्चों पर भी इन संदेशों का सीधा असर हो।
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लुप्त हो रही कला को जीवंत करने का प्रयास : चित्रकार राजेश रंजन ने बताया कि चित्रकारी हमारी संस्कृति से जुड़ी है। हमारे देश में एक से एक उमदा चित्रकार भी हुए हैँ, लेकिन पिछले कुछ सालों से मशीनरी ने चित्रकार की इस कला को गायब ही कर दिया है। सब कुछ प्रिंट होकर निकलता जरूर है, लोग उसे लेते भी हैं, यह सस्ता साधन भी है, लेकिन इसकी तरफ लोगों को वह आकर्षण नहीं होता, जो हाथ से बनाई कलम में होता है। हमारी यह कला बिल्कुल विलुप्त होने की कगार पर खड़ी है। काफी चित्रकार इसे छोड़कर दूसरे व्यवसायों में लग चुके हैं। एक बार फिर से बुजुर्गों की प्रेरणा लेकर प्रशासन और युवा वर्ग का सहयोग इसमें रंग ला रहा है। पानीपत को सुंदर बनाने के लिए पहले ऐसा प्रयास कभी नहीं किया गया था, इनके सहयोग के बिना यह असंभव काम था।
कला परमात्मा और सच्चाई का प्रतीक : कला चाहे कोई भी हो, वो हमेशा सच्चाई और परमात्मा का प्रतीक मानी जाती है। श्रेष्ठ कलाकार अपने जिद्दी रवैये के कारण सिर्फ अपनी कला में ही मदहोश रहता है। कला के प्रति प्रेम और समर्पण और त्याग की भावना अब कुछ ही लोगों में जिंदा बची है। उनमें से एक हैं, राजेश रंजन। जो अपनी कला के जरिये लोगों को प्रेरित करने के लिए दिन-रात लगे रहते हैं।
फ्लाईओवर के 150 पिलर रंग चुके हैं रंजन : राजेश रंजन इससे पहले पानीपत के फ्लाईओवर के पिलरों को रंगने का काम भी कर चुुके हैं। उन्होंने तहसील से लेकर गोहाना रोड तक के सभी पिलरों को अपनी चित्रकारी से एक नया आयाम दिया है। सबसे खास बात ये है कि इनकी चित्रकार से प्रेरित होकर लोगों ने भी इसमें काफी सहयोग किया है। नतीजतन जिस फ्लाईओवर के नीचे गंदगी के अंबार लगे रहते थे, वहीं आज स्वच्छता के चर्चे रहते हैं।
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