भाजपा नेताओं ने किसानों को दिवाली का तोहफा बताया
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सरकार ने दिवाली से एक दिन पहले गन्ने के रेट 15 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे किसानों को दिवाली का तोहफा बताया है। वहीं विपक्ष ने इसे ऊंट के मुंह में जीरा बताया है। भाकियू ने भी लागत के अनुरूप रेट न बढ़ पाने की बात कही है।
गन्ने की अगेती किस्म का रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल था। इसे बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं पछेती किस्म का रेट 393 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 408 रुपये प्रति क्विंटल किया है। दिवाली के बाद चीनी मिल शुरू हो जाएगा। इसके साथ किसानों का गन्ना नए रेट पर लिया जाएगा।
भाजपा सरकार हर वर्ग को साथ लेकर चलती है। यह कृषि क्रांति की तरफ बढ़ता कदम है। किसानों की आय दोगुना करने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार इसके लिए कृत संकल्प है। किसानों के साथ दूसरे वर्गों का भी बराबर विकास कराया जा रहा है।
- दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा
फसलों में लागत मूल्य तेजी के साथ बढ़ रही है। जबकि सरकार ने अपेक्षाकृत रेट नहीं बढ़ाए हैं। गन्ने पर 15 रुपये प्रति क्विंटल रेट बढ़ाना ऊंट के मुंह में जीरा है। इससे ज्यादा तो किसानों को प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई का देना पड़ता है। सरकार को अपना वादा समय अवधि में पूरा करना चाहिए। भाषण में कहने से किसानों की आय दोगुना नहीं हो पाएगी।
- कुलदीप राठी, जिलाध्यक्ष इनेलो
गन्ने की फसल एक साल में आती है। किसान इसके लिए पूरे साल खेत में मेहनत करता है। गन्ने का रेट मात्र 15 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाना किसान हित में नहीं है। जबकि इससे कई अधिक मजदूरी, खाद और बीज के रेट बढ़ गए हैं। यह किसानों के साथ मजाक है। सरकार को इस पर पुनर विचार करना चाहिए।
- रमेश मलिक, जिलाध्यक्ष पानीपत ग्रामीण कांग्रेस