पानीपत। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) अब प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। प्रदेश मुख्यालय से सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण स्तर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों को नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई भी की जाएगी। यह व्यवस्था एक जून से लागू होगी।
एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव आईएएस योगेश कुमार ने शुक्रवार को पानीपत में यह जानकारी दी। वह हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसाइटी (एचईएमएस) की ओर से एक होटल में आयोजित तीन जिलों के उद्यमियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला में पानीपत, करनाल और सोनीपत के उद्यमियों ने पर्यावरण प्रदूषण से जुड़ी समस्याएं रखीं। सदस्य सचिव ने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। जीईपीआईएल के निदेशक प्रियश भट्टी ने औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले खतरनाक पदार्थों के सुरक्षित निपटान पर पीपीटी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता संजीव बुद्धिराजा, नवीन गुलिया तथा तीनों जिलों के एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे। एचईएमएस के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सोसाइटी का अगला कार्यक्रम बहादुरगढ़ में होगा।
बैठक में करनाल एसोसिएशन ने घरौंडा और करनाल के बीच डाइंग व टेक्सटाइल उद्योगों की समस्याएं उठाईं। सदस्य सचिव ने बताया कि यहां सीईटीपी परियोजना पर काम चल रहा है। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स, हरियाणा राइस एसोसिएशन और पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने भी अपने प्रस्ताव सौंपे।
इस अवसर पर पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल, वरिष्ठ उपप्रधान अशोक गुप्ता, सेक्टर-29 एसोसिएशन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल और पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा मौजूद रहे।
लगातार निरीक्षण से उद्यमी चिंतित : भीम राणा
एचईएमएस के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने कहा कि गैपिल (जीईपीआईएल) को खतरनाक पदार्थों के निपटान के लिए 2028 तक 31 एकड़ जमीन दी गई है। इसके बाद की योजना पर अभी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एचईएमएस के वर्तमान में 5808 सदस्य हैं और जल्द ही यह संख्या सात हजार तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली-एनसीआर में पेटकॉक बंद किया गया और बाद में कोयले के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई। अब एसपीएम की सीमा 800 से घटाकर 50 कर दी गई है। इससे छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं, जबकि बड़े उद्योग भी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर पा रहे। उन्होंने राजस्थान की तर्ज पर हरियाणा में भी उद्योगों को राहत देने वाली योजनाएं लागू करने की मांग की।
ओसीएम डिवाइस खराब होने पर क्या करें उद्यमी : अग्रवाल
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के वरिष्ठ पदाधिकारी राजीव अग्रवाल ने कहा कि सीपीसीबी के निर्देशों के बाद सभी उद्योगों ने एपीसीडी सिस्टम स्थापित कर लिया है और डाटा पोर्टल पर जा रहा है। पानीपत की अधिकांश इकाइयां मिक्स इंडस्ट्री हैं। ऐसे में ओसीएम डिवाइस के खराब होने की जानकारी कई बार समय पर नहीं मिल पाती। उन्होंने मांग की कि ऐसी स्थिति में उद्योगों को संचालन जारी रखने या बंद करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम से होगी निगरानी
सदस्य सचिव योगेश कुमार ने कहा कि उन्होंने पांच महीने पहले कार्यभार संभाला है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उद्यमियों से संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीएक्यूएम के नियमों का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में सर्दियों के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 800 तक पहुंच जाता है। एपीसीडी उपकरण महंगे जरूर हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण में प्रभावी हैं। सरकार की 1144 करोड़ रुपये की योजना जल्द लागू होगी, जिसका लाभ हरियाणा, यूपी, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। उद्यमियों को ईसी या क्लोजर हटवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं।
ईटीपी नहीं चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
योगेश कुमार ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में ईटीपी पूरे समय नहीं चलाए जाते। कई बार बीओडी स्तर लगातार समान मिलने से भी गड़बड़ी सामने आती है। पानीपत, घरौंडा और सोनीपत में अवैध टैंकर सिस्टम भी सक्रिय हैं। कुछ मामलों में गांवों के सरपंचों की संलिप्तता भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि उद्यमी ईटीपी का नियमित उपयोग करें। जिन इकाइयों को समस्या है, उन्हें जगह उपलब्ध कराई जाएगी। पानीपत और करनाल के बीच कई गांवों में दूषित लाल पानी आने की शिकायतें मिली हैं। यमुना एक्शन प्लान की निगरानी स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए गंभीरता से काम करना होगा।
कार्यशाला में मंच पर बैठे एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव योगेश कुमार और एचईएमएस के प्रदेशाध्यक्ष भीम - फोटो : धूप से बचने के लिए चेहरा ढंककर जाते बाइक सवार।