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Panipat News: समागम में दस लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान

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समालखा। असीम विस्तार यानी परमात्मा की ओर विस्तार के संदेश को लेकर शुरू हुए 77वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में इस बार आठ से दस लाख अनुयायी पहुंचेंगे। इसको लेकर सुरक्षा और व्यवस्था चाक चौबंद की गई है। सेवा दल के एक लाख सदस्यों के कंधों पर हर व्यवस्था की जिम्मेदारी है। इसके साथ 40 एंबुलेंस, एक लाख सेवादल, 10 डिस्पेंसरी, 22 कैंटीन व चार लंगर ग्राउंड बनाए गए हैं।
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समागम की घोषणा शनिवार को प्रेस एंड पब्लिसिटी सदस्य प्रभारी राकेश मुटरेजा, राजकुमारी, मिशन के सचिव जोगिंद्र सुखीजा, को-ऑर्डिनेटर परिमल सिंह व विवेक मौजी ने की। वे आध्यात्मिक स्थल पर पत्रकारों से रूबरू हुए।
सदस्य प्रभारी राकेश मुटरेजा ने बताया कि करीब सवा छह सौ एकड़ में समागम चल रा है। शामियानों की चमकती नगरी एक आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। समागम में देश-विदेश से आठ से दस लाख अनुयायी पहुंचेंगे।
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विदेश से करीब दो हजार अनुयायी पहुंचे हैं। एक लाख सेवादार सेवा में हैं। इस वर्ष भी सेवादल के सभी सदस्य संत समागम में सम्मिलित होकर सेवाओं में अपना योगदान दे रहे हैं।

40 एबुलेंस हर समय तैयार
समागम स्थल पर मिशन की 10 और प्रदेश सरकार की 30 एंबुलेंस हर समय तैयार हैं। इसके अतिरिक्त संत निरंकारी मंडल के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से 10 डिस्पेंसरी चल रही हैं। इनमें पांच एलोपैथिक और पांच होम्योपैथिक डिस्पेंसरी हैं। इसके अतिरिक्त 40 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र व एक कायरो चिकित्सा पद्धति शिविर लगाया गया है।

चार ब्लॉक में 22 कैंटीन और चार लंगर मैदान
समागम स्थल को चार मैदानों में बांटा गया है। सभी मैदानों में लगभग 22 कैंटीन की व्यवस्था की गई है। यहां सभी कैंटीन में खानपान की लगभग सभी सामग्री हैं।
इनमें चाय, कॉफी, शीतल पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्रियां रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। प्रत्येक मैदान में लंगर बनाने और उसके वितरण की समुचित व्यवस्था की है। सभी श्रद्धालुओं को लंगर स्टील की थालियों में परोसा जा रहा है। इसके अतिरिक्त लंगर तथा कैंटीनों में स्वच्छता का भी विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

श्रद्धालुओं के लिए ट्रांसपोर्ट की विशेष व्यवस्था
इस वर्ष भी सभी भक्तों के लिए प्रशासन और भारतीय रेलवे के सहयोग से यातायात का समुचित प्रबंध किया गया है। भारतीय रेलवे ने नियमित आवागमन यात्रा के लिए दिल्ली से आनंद विहार, हजरत निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की सुविधाएं श्रद्धालु भक्तों के लिए उपलब्ध कराई हैं। इसके अतिरिक्त भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर समयानुसार ट्रेनें रुकेंगी।

सुरक्षा चाकचौबंद
समागम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरियाणा सरकार के सहयोग से समुचित प्रबंध किया गया है। जिसमें 10 चैक पोस्ट बनाई गई हैं। मिशन के सेवादार दिन रात पूरी जागृति के साथ यातायात व्यवस्था में अपना सहयोग दे रहे हैं। जीटी की करनाल लेन पर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बिजली, पानी, सीवरेज, अग्रिशामक के करीब 55 शिविर हैं।

संत निरंकारी मिशन का इतिहास
संत निरंकारी मिशन 1929 से ही अपनी आध्यात्मिक विचारधारा के जरिये मानव को मानव से जोड़ने का कार्य कर रहा है। बाबा अवतार सिंह ने 1948 में संत निरंकारी मंडल की स्थापना की। इसके साथ निरंकारी मिशन का प्रथम संत समागम हुआ। इसके बाद 95 वर्षों से सफल आयोजन किया जा रहा है। 1962 से बाबा गुरबचन सिंह, 1980 से बाबा हरदेव सिंह, 2016 से सतगुरु माता सविंदर हरदेव और अब सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज का मार्गदर्शन है।

पत्रिका विभाग
इस वर्ष प्रकाशन विभाग की ओर से 21 स्टाल लगाए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य दो स्टाल संत निरंकारी कॉलोनी दिल्ली में होंगे। यहां से सभी श्रद्धालु भक्त मिशन के साहित्य, फोटो, डायरी, कैलेंडर और समागम स्मारिका को प्राप्त कर सकेंगे। इस वर्ष सभी भक्तों के लिए प्रकाशन विभाग की ओर से हरदेव बाणी के अंग्रेजी, पंजाबी और तेलगु अनुवाद भी सतगुरु माता द्वारा मानवता को समर्पित किए गए हैं।
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