पानीपत। कोरोना की तीनों लहर में अब तक 16 साल से कम आयु के 4610 बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। गनीमत है कि बच्चों का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत है। 16 साल से कम आयु के किसी बच्चे की कोरोना से अब तक मौत नहीं हुई है। कोरोना की तीसरी लहर में अब तक 16 साल से कम आयु के 90 बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
14 मरीजों में एक बच्चा कोरोना संक्रमित मिल रहा है। परिवार में बड़ों से छोटे कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए हाई डिपेंडेंसी यूनिट तैयार कर ली गई है। यहां पर आठ वेंटिलेटर लगाए गए हैं। जिले के पांच लाख बच्चे दो सरकारी बाल रोग विशेषज्ञों पर निर्भर हैं। फिलहाल जिले में कोई भी कोरोना संक्रमित बच्चा स्वास्थ्य केंद्रों में दाखिल नहीं है। सभी बच्चे होम आइसोलेशन में कोरोना को हरा रहे हैं।
पहली लहर में 1250 बच्चे हुए थे कोरोना संक्रमित
जिले में पहला कोरोना का केस आठ मार्च 2020 को दर्ज किया गया था। कोरोना की पहली लहर में 1250 बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे। दूसरी लहर में 3270 बच्चे कोरोना की चपेट में आए। इस तीसरी लहर में अब तक 90 बच्चे कोरोना की चपेट में आए हैं। सबसे अधिक बच्चे रिफाइनरी टाउनशिप में कोरोना संक्रमित मिले हैं। यहां रहने वाले अधिकतर परिवार बाहर घूमकर लौटे और यहां जांच कराने पर वो कोरोना संक्रमित मिले।
बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कहते हैं बाल रोग विशेषज्ञ
सिविल अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका ने बताया कि बच्चा यदि मां के दूध पर निर्भर है तो मां अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखे। मास्क पहनकर ही स्तनपान कराए। मां के दूध में एंटीबाडी मिश्रित हैं, जो शिशु को संक्रमण से बचा सकती हैं। मां संक्रमित है तो दूध से बच्चे को संक्रमण हुआ हो, अभी तक ऐसी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। बच्चा बड़ा है और परिवार के लिए बना भोजन का सेवन करता है तो उन्हें स्वस्थ डाइट दें। डाइट में हरी सब्जियां, फल, दूध, अंडा और सब्जियां सूप जैसी खाद्य सामग्री को शामिल करें। खेल-खेल में बच्चों की पढ़ाई को जारी रखें। रूटीन टीकाकरण को मिस न होने दें ताकि बच्चे कई तरह के संक्रमण से बचें रहें। किसी बच्चे को तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेते में तकलीफ, उल्टी-दस्त, डायरिया, पेट में दर्द की समस्या है तो तुरंत अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लें।