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ड्रेन नंबर वन की सफाई न होने पर नगर निगम पर गिरी एचपीसीबी की गाज, जारी किया कारण बताओ नोटिस

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हाई कोर्ट के पूर्व जज एवं एनजीटी मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमैन प्रीतम पाल के दौरे के भी करीब चार महीने बाद भी ड्रेन नंबर-1 की सफाई नहीं हो पाई है। जिससे एनजीटी ने निगम और सिंचाई विभाग को आड़े हाथों लिया है। हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने नगर निगम और सिंचाई विभाग को 15 दिन का कारण बताओ नोटिस तक जारी कर दिया है। इस दौरान निगम अधिकारी और सिंचाई विभाग के एक्सईएन सफाई नहीं होने का कारण स्पष्ट नहीं कर पाए तो उनपर गाज गिरना तय है।
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निगम आयुक्त ने बताया कि उन्हें कारण बताओ नोटिस मिल चुका है। कोरोना को लेकर निगम कार्यालय का काम बंद है, दूसरी तरफ निगम अधिकारियों को इस पत्राचार का जवाब देने के साथ कार्रवाई करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। वैसे उन्होंने ये भी साफ किया कि ये काम मुख्य तौर पर सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है, लेकिन इसमें निगम की जो भी जिम्मेदारी होगी, निगम उसे निभाएगा। वहीं इस मामले में सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी का पक्ष प्रयास के बावजूद नहीं मिल सका। इस संबंध में उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
मार्च 2020 में सफाई को लेकर किया था दौरा
मार्च 2020 में हाई कोर्ट के पूर्व न्यायधीश और एनजीटी मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमेन प्रीतम पाल ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर दौरा किया था। जिसमें शहर के जन प्रतिनिधियों ने खुद उन्हें ड्रेन नंबर-1 के खस्ता हाल से रूबरू करवाया था और इसे कवर करवाने की मांग तक की थी। इसके बाद चेयरमैन ने सिंचाई विभाग व निगम अधिकारियों को ड्रेन की सफाई को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी निगम व सिंचाई विभाग अपनी जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतर पाया।
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ड्रेन की बेहद खस्ताहाल, स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत
पूर्व जज एवं कमेटी चेयरमेन के साथ शहर के जन प्रतिनिधियों ने भी ड्रेन नंबर वन की सफाई को सबसे अहम पहलू बताते हुए कहा था कि यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। यहां के हाल बेहद खस्ता हैं। इस बात का जिक्र भी एचपीसीबी ने अपने कारण बताओ नोटिस में भी शामिल किया है। इस ड्रेन में स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे भयंकर बदबूदार माहोल बन चुका है।
कार्रवाई जारी है- आयुक्त
इस बारे में निगम को पत्राचार हुआ था, जिसके बाद इस काम पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अब कोरोना के चलते निगम कार्यालय बंद है। जैसे ही निगम कार्यालय खुलेगा वैसे ही कार्रवाई में तेजी आएगी। - सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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