पानीपत। आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा संचालित हिंदी साहित्य परिषद की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अंतर विभागीय एक दिवसीय विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, उसके सामाजिक महत्व व वर्तमान चुनौतियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत बीए तृतीय वर्ष के वीओसी पाठ्यक्रम हिंदी पत्रकारिता विषय पर केंद्रित रहा। मुख्य वक्ता जनसंचार विभागाध्यक्ष व सहायक प्राध्यापक डॉ. दिनेश गाहल्याण ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्राचार्य व हिंदी साहित्य परिषद के संरक्षक प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने परिषद की गतिविधियों को साहित्यिक और रचनात्मक समझ विकसित करने का सशक्त मंच बताया। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदी का प्रथम समाचार-पत्र उदंत मार्तंड 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ था। इस वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है।
मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश ने पत्रकारिता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए इसके इतिहास से वर्तमान तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी और माखनलाल चतुर्वेदी जैसे पत्रकारों के उदाहरण देते हुए पत्रकारिता की जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों पर बल दिया। मंच संचालन डॉ. शालिनी ने किया। इस मौके पर हिंदी साहित्य परिषद के संयोजक विजय सिंह, कविता व गोपाल मौजूद रहे।