पानीपत। कुराड़ गांव में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण करने में बड़ा खेल कर दिया। आरोप हैं कि मनरेगा मजदूरों ने गांव के छाजपुर रोड स्थित तालाब के किनारे पौधों की जगह पेड़ों की टहनी लगा दी। एक सप्ताह में ही टहनी सूख गई तो ये ग्रामीणों के हाथ में आ गई। इसका वीडियो भी बनाया है। यहां करीब 12 पौधे लगाने का उस समय दावा किया गया था। जिसमें बीडीपीओ के भी पौधरोपण कार्यक्रम में पहुंचने की बात कही जा रही थी।
कुराड़ गांव के सागर, रौनक और वीरेन ने बताया कि वे गत दिनों गांव में छाजपुर रोड स्थित तालाब पर गए थे। तालाब किनारे लगाए पौधे सूखे हुए थे। उन्होंने इनमें पानी देने का प्रयास किया। उनको पौधों पर शक हुआ तो एक पौधे को हिलाया तो वह हाथ में आ गया। उन्होंने ध्यान से देखा तो इसमें नीचे जड़ नहीं थी। इसके बाद बाकी पौधे भी देखे तो किसी में भी जड़ नहीं मिली। उन्होंने आशंका जताई कि उक्त लोगों ने पौधों की जगह पौधे की टहनी लगा दी। ग्रामीणों ने उनको बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर गांव के तालाब किनारे मनरेगा के तहत पौधरोपण कराने की बात कही थी। जिसमें बीडीपीओ के भी शामिल होने की चर्चा हुई थी। ग्रामीणों में इस पर रोष बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उल्टे सीधे काम दिखाकर सरकारी पैसे को बर्बाद किया जा रहा है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। मनरेगा के एपीपीओ महेश राणा से इस बारे में बात करने का प्रयास किया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
वर्जन :
ग्राम पंचायत द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर गांव के तालाब किनारे पौधे नहीं लगवाए गए हैं। यह मनरेगा के अंतर्गत लगाए गए होंगे। उनको इसकी जानकारी नहीं है। वे मनरेगा और पंचायत विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे।
नरेंद्र कुमार, प्रतिनिधिप सरपंच अंजू।