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Panipat News: नर्सिंग ऑफिसर को नहीं चलाना आया वेंटिलेटर, बच्चा रेफर

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पानीपत। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की जान पर बनी है। अंसल में एक निजी स्कूल के पास झुग्गी में रहने वाला 10 साल का कृष्ण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उसको सांप के काटने के चलते वीरवार देर शाम को आईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। डॉक्टर ने इमरजेंसी में आकर उसकी जांच करने से इंकार कर दिया। नर्सिंग ऑफिसरों को वेंटिलेटर नहीं चलाना आता था। इलाज के अभाव में उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
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कृष्ण की मां आशा देवी रात भर नर्सिंग ऑफिसर को इलाज करने की गुहार लगाती रही। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। परिजन उसे एक निजी अस्पताल में लेकर गए हैं। बिहार के लखीसराय जिले के गांव बरिहारा निवासी आशा देवी ने बताया कि वह अंसल में एक निजी स्कूल में काम करती है। वह यहीं नजदीक एक झुग्गी में रहती है। उसका 10 साल का बेटा कृष्ण बुधवार रात को उसके साथ सोया था। वह वीरवार सुबह सात बजे उठा तो उसकी गर्दन में दर्द होता मिला। उसकी आंखें भी सूज गई थी। उसकी गर्दन पर दो छोटे निशान थे। यहां लोगों ने उसे बताया कि इसको सांप ने काटा है। वह कृष्ण को लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंची। यहां पर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। बाद में उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। उसकी हालत बेहद गंभीर है। डॉक्टर ने इलाज करने से इंकार कर दिया। आईसीयू में वीरवार को पहली बार वेंटिलेटर सेवा शुरू की गई थी। वेंटिलेटर सिर्फ दो डॉक्टर संचालित करना जानते हैं। डॉक्टर हड़ताल पर हैं। नर्सिंग ऑफिसर को वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण नहीं है। आईसीयू शुरू होने से पहले ही वेंटिलेटर पर पहला केस यहां से रेफर हो गया। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसको रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। डॉक्टर हड़ताल पर है, इसलिए परेशानी हो रही है।
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